अनिरुद्ध द्विवेदी ने मूंढापांडे ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के आॅडिट को साफ रखने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार से कुल तीन लाख रुपये की मांग की थी। यह राशि छह किस्तों में लेने की योजना बनाई गई थी, जिसमें हर बार 50 हजार रुपये दिए जाने थे।

UP News : उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के आडिट के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। मुरादाबाद में विजिलेंस टीम ने सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत के वरिष्ठ लेखा परीक्षक और उत्तर प्रदेश आॅडिटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध द्विवेदी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि अनिरुद्ध द्विवेदी ने मूंढापांडे ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के आॅडिट को साफ रखने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार से कुल तीन लाख रुपये की मांग की थी। यह राशि छह किस्तों में लेने की योजना बनाई गई थी, जिसमें हर बार 50 हजार रुपये दिए जाने थे।
ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार ने 12 जनवरी को बरेली स्थित विजिलेंस कार्यालय में इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान आरोपी ने अजय कुमार को अपने मुरादाबाद स्थित किराए के मकान पर बुलाया और पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये मंगवाए। जैसे ही राशि सौंपी गई, विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया।
यह आडिट मामला मूंढापांडे ब्लॉक की दुपैड़ा, रनियाठेर, जगरामपुरा, लालपुर तीतरी, बीनावाला, हिरनखेड़ा और भीतखेड़ा ग्राम पंचायतों से संबंधित बताया गया है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तारी की कार्रवाई इतनी गोपनीय रही कि आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोपी स्वयं आॅडिट व्यवस्था से जुड़ा एक वरिष्ठ पदाधिकारी है और आॅडिटर संघ का प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुका है। इससे ग्रामीण स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल विजिलेंस टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इससे जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।