उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय का आक्रोश, खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लेकर प्रदर्शन
Ali Khamenei: जौनपुर में खामेनेई की मौत के विरोध में शिया समुदाय ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। कल्लू इमामबाड़ा पर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। मौलाना कल्बे जवाद ने तीन दिन का शोक मनाने का आह्वान किया और देशभर में शोक सभाओं और कैंडल मार्च की अपील की।

उत्तर प्रदेश में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर ने एक बार फिर जनता का ध्यान खींचा है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में शिया समुदाय ने इस मौत के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस खबर को लेकर तनाव और आक्रोश देखा गया। जौनपुर में हुए प्रदर्शन ने पूरे उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय को एकजुट कर दिया। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि शांति बनी रहे। इसी के साथ उत्तर प्रदेश के लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी चर्चा और संवेदनशीलता देखी जा रही है।
कल्लू इमामबाड़ा पर भीड़ का हुजूम
जौनपुर के कल्लू इमामबाड़ा पर प्रदर्शनकारियों का हुजूम हजारों में था। लोग हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लिए हुए थे। भीड़ ने एक ही आवाज में नारे लगाए, “तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा।” प्रदर्शनकारी मानते हैं कि शहादत से यह आंदोलन खत्म नहीं होगा बल्कि और भी मजबूत होकर उभरेगा।
मौलाना कल्बे जवाद का बयान
मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस हमले को “कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला” बताया। उनका कहना था कि खामेनेई हमेशा शहादत की दुआ करते थे और जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा, “शहीद का खून व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके कतरे से जो इंकलाब पैदा होता है उसमें जालिम डूब जाते हैं। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया, बल्कि अपने खुद के ‘डेथ वारंट’ पर दस्तखत कर दिए।”
तीन दिन का शोक और बाजार बंद रखने की अपील
मौलाना कल्बे जवाद ने पूरे देश के शिया समुदाय से तीन दिवसीय शोक मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग स्वेच्छा से अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखें। इसके अलावा उन्होंने घरों पर काले झंडे लगाने, शोक सभाओं और कैंडल मार्च निकालने की भी अपील की।
प्रशासन अलर्ट पर
जौनपुर प्रशासन ने बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली है। कल्लू इमामबाड़ा और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
उत्तर प्रदेश में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर ने एक बार फिर जनता का ध्यान खींचा है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में शिया समुदाय ने इस मौत के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस खबर को लेकर तनाव और आक्रोश देखा गया। जौनपुर में हुए प्रदर्शन ने पूरे उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय को एकजुट कर दिया। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि शांति बनी रहे। इसी के साथ उत्तर प्रदेश के लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी चर्चा और संवेदनशीलता देखी जा रही है।
कल्लू इमामबाड़ा पर भीड़ का हुजूम
जौनपुर के कल्लू इमामबाड़ा पर प्रदर्शनकारियों का हुजूम हजारों में था। लोग हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लिए हुए थे। भीड़ ने एक ही आवाज में नारे लगाए, “तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा।” प्रदर्शनकारी मानते हैं कि शहादत से यह आंदोलन खत्म नहीं होगा बल्कि और भी मजबूत होकर उभरेगा।
मौलाना कल्बे जवाद का बयान
मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस हमले को “कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला” बताया। उनका कहना था कि खामेनेई हमेशा शहादत की दुआ करते थे और जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा, “शहीद का खून व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके कतरे से जो इंकलाब पैदा होता है उसमें जालिम डूब जाते हैं। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया, बल्कि अपने खुद के ‘डेथ वारंट’ पर दस्तखत कर दिए।”
तीन दिन का शोक और बाजार बंद रखने की अपील
मौलाना कल्बे जवाद ने पूरे देश के शिया समुदाय से तीन दिवसीय शोक मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग स्वेच्छा से अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखें। इसके अलावा उन्होंने घरों पर काले झंडे लगाने, शोक सभाओं और कैंडल मार्च निकालने की भी अपील की।
प्रशासन अलर्ट पर
जौनपुर प्रशासन ने बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली है। कल्लू इमामबाड़ा और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।












