उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय का आक्रोश, खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लेकर प्रदर्शन

Ali Khamenei: जौनपुर में खामेनेई की मौत के विरोध में शिया समुदाय ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। कल्लू इमामबाड़ा पर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। मौलाना कल्बे जवाद ने तीन दिन का शोक मनाने का आह्वान किया और देशभर में शोक सभाओं और कैंडल मार्च की अपील की।

जौनपुर
जौनपुर में खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का प्रदर्शन
locationभारत
userअसमीना
calendar01 Mar 2026 03:53 PM
bookmark

उत्तर प्रदेश में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर ने एक बार फिर जनता का ध्यान खींचा है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में शिया समुदाय ने इस मौत के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस खबर को लेकर तनाव और आक्रोश देखा गया। जौनपुर में हुए प्रदर्शन ने पूरे उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय को एकजुट कर दिया। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि शांति बनी रहे। इसी के साथ उत्तर प्रदेश के लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी चर्चा और संवेदनशीलता देखी जा रही है।

कल्लू इमामबाड़ा पर भीड़ का हुजूम

जौनपुर के कल्लू इमामबाड़ा पर प्रदर्शनकारियों का हुजूम हजारों में था। लोग हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लिए हुए थे। भीड़ ने एक ही आवाज में नारे लगाए, “तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा।” प्रदर्शनकारी मानते हैं कि शहादत से यह आंदोलन खत्म नहीं होगा बल्कि और भी मजबूत होकर उभरेगा।

मौलाना कल्बे जवाद का बयान

मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस हमले को “कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला” बताया। उनका कहना था कि खामेनेई हमेशा शहादत की दुआ करते थे और जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा, “शहीद का खून व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके कतरे से जो इंकलाब पैदा होता है उसमें जालिम डूब जाते हैं। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया, बल्कि अपने खुद के ‘डेथ वारंट’ पर दस्तखत कर दिए।”

तीन दिन का शोक और बाजार बंद रखने की अपील

मौलाना कल्बे जवाद ने पूरे देश के शिया समुदाय से तीन दिवसीय शोक मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग स्वेच्छा से अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखें। इसके अलावा उन्होंने घरों पर काले झंडे लगाने, शोक सभाओं और कैंडल मार्च निकालने की भी अपील की।

प्रशासन अलर्ट पर

जौनपुर प्रशासन ने बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली है। कल्लू इमामबाड़ा और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

खामेनेई की मौत पर भारत के शिया धर्मगुरु का विरोध

मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने कहा, "अयातुल्ला खामेनेई भी हमेशा यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हों।

Opposition from India's Shia cleric
ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर भारत में शोक की लहर (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar01 Mar 2026 11:35 AM
bookmark

Opposition from India's Shia cleric : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत के शिया धर्मगुरुओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने अमेरिका और इजराइल के इस हमले को 'आतंकवादी कार्रवाई' और 'कायरतापूर्ण' करार दिया है। उन्होंने खामेनेई की मौत को 'शहादत' बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर तीखा हमला बोला है।

'शहादत सबसे बड़ा मर्तबा'

मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने कहा, "अयातुल्ला खामेनेई भी हमेशा यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हों। वे जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं और उनके साथ कई उलेमा भी शहीद हुए हैं।" उन्होंने कहा कि खामेनेई ने हमेशा मजलूमों (मज़लूमों) का साथ दिया। जिस तरह उनका खून बहाया गया है, वह कभी रायगा नहीं जाएगा। खून के इसी कतरे से इंकलाब पैदा होता है और जालिम उसमें डूब जाते हैं।

'ट्रंप और नेतन्याहू ने खुद के डेथ वारंट पर किए हस्ताक्षर'

अमेरिका और इजराइल के इस हमले पर गुस्से का इजहार करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया है, बल्कि उन्होंने खुद अपने 'डेथ वारंट' पर दस्तखत कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू की मौत बेहद बत्तरीन (बुरी) होगी।

3 दिन का शोक और अपील

मौलाना ने घोषणा की है कि खामेनेई की शहादत पर शिया समुदाय 3 दिनों तक शोक मनाएगा। उन्होंने समुदाय से अपील की है कि इन तीन दिनों तक अपने कारोबार और दुकानों को बंद रखें तथा खामेनेई के लिए अल्लाह से दुआ खैर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात का पालन किसी जबरदस्ती से नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर किया जाना चाहिए।

'इंसानियत का नुकसान'

खामेनेई के जाने को मौलाना ने इंसानियत का बड़ा नुकसान बताया। उन्होंने कहा, "वे मजलूमों की आवाज थे और अकेले फिलिस्तीन के लोगों के लिए लड़ रहे थे। उनका जाना सिर्फ शिया समुदाय का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए नुकसान है।"

लखनऊ में कैंडल मार्च और शोक सभा

इस बीच, लखनऊ में भी इस घटना के विरोध और शोक में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मौलाना ने बताया कि आज रात लखनऊ के इमामबाड़ों में लोग जमा होकर शोक मनाएंगे और रात 8 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने पूरे भारत के मुसलमानों से अपील की है कि वे शोक सभा और कैंडल मार्च का आयोजन करें। यदि कैंडल मार्च संभव न हो, तो कम से कम शोक सभा जरूर आयोजित की जाए। मौलाना ने कहा कि वे खामेनेई के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Opposition from India's Shia cleric

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

दूल्हे को चाकू मारकर प्रेमी के साथ भागी दुल्हन

पीड़ित दूल्हे ने पुलिस को बताया, "मैं रात करीब 9 बजे उसके पास गया और उसे छुआ। वह गुस्से से लाल हो गई और बोली 'मुझसे दूर रहना'। इसके बाद उसने चाकू निकालकर मेरे हाथ में मार दिया।" घटना के बाद जब दूल्हे ने दुल्हन के परिवार को सूचना दी।

knife to the groom
दुल्हन अपने ही चाचा के साथ गायब (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 08:22 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को स्तंभित कर दिया है। नगला बस्ती इलाके में एक नवविवाहिता ने सुहागरात के दिन ही दूल्हे पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना की गंभीरता इस कदर थी कि दुल्हन ने न सिर्फ दूल्हे को चाकू मारा, बल्कि बाद में ससुरालियों को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और लाखों के जेवरात व नकदी लेकर अपने 'प्रेमी चाचा' के साथ फरार हो गई।

सुहागरात पर बरसी तलवार

जानकारी के मुताबिक, दुल्हन का विवाह 21 फरवरी को हुआ था और 22 फरवरी को वह ससुराल पहुंची। सुहागरात के दिन जैसे ही दूल्हे ने उसके करीब जाने की कोशिश की, दुल्हन आग बबूला हो उठी। उसने दूल्हे को चेतावनी देते हुए कहा कि वह उससे दूर रहे, वरना वह या तो खुद मर जाएगी या उसे मार देगी। इसके तुरंत बाद उसने छिपाकर रखा चाकू निकाला और दूल्हे के हाथ पर हमला कर दिया, जिससे दूल्हा गंभीर रूप से घायल हो गया।

दूल्हे का दर्दनाक बयान

पीड़ित दूल्हे ने पुलिस को बताया, "मैं रात करीब 9 बजे उसके पास गया और उसे छुआ। वह गुस्से से लाल हो गई और बोली 'मुझसे दूर रहना'। इसके बाद उसने चाकू निकालकर मेरे हाथ में मार दिया।" घटना के बाद जब दूल्हे ने दुल्हन के परिवार को सूचना दी, तो उसकी मां, चाचा और चाची मौके पर पहुंचे। नई शादी को देखते हुए परिवार वालों ने समझाइश दी और वापस चले गए। इस डर से कि कहीं वह फिर हमला न कर दे, दूल्हा उस रात अलग खटिया पर सोया।

खाने में मिलाया जहर, लाखों की लूट

मामले का सबसे हैरान करने वाला खुलासा शादी के तीसरे दिन हुआ। भागने की नीयत से दुल्हन ने पूरे परिवार के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाते ही दूल्हा और उसके परिवारजन बेहोश हो गए। इस मौके का फायदा उठाते हुए दुल्हन घर से सोने के लाखों के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गई।

प्रेमी चाचा के साथ मिली साजिश

सुबह जब परिवार के लोग होश में आए तो दुल्हन वहां नहीं थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुल्हन का अपने ही चाचा के साथ अवैध संबंध चल रहे थे। दुल्हन ने शादी के बाद भी इस रिश्ते को नहीं तोड़ा और चाचा के साथ मिलकर पूरा नाटक रचा।

पुलिस कार्रवाई

पीड़ित दूल्हे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार दुल्हन और उसके प्रेमी चाचा की तलाश में जुट गई है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है। UP News

संबंधित खबरें