प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिकायतों का सिलसिला तेज हो गया है। कई जिलों से यह सामने आया है कि स्कूल अभिभावकों पर महंगी किताबें और यूनिफॉर्म तय दुकानों से खरीदने का दबाव बना रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिकायतों का सिलसिला तेज हो गया है। कई जिलों से यह सामने आया है कि स्कूल अभिभावकों पर महंगी किताबें और यूनिफॉर्म तय दुकानों से खरीदने का दबाव बना रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है और शिकायत दर्ज कराने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। ऐसा करना नियमों के खिलाफ है और शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जो है 1800-180-5310। इस नंबर पर अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग का दावा है कि शिकायत मिलने पर त्वरित जांच और कार्रवाई की जाएगी।
हेल्पलाइन के अलावा अभिभावकों के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं:
* खंड शिक्षा अधिकारी
* जिलाधिकारी
* डीआईओएस
* बीएसए
इन अधिकारियों को सीधे शिकायत देने पर भी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे शिकायत करते समय जरूरी दस्तावेज अपने पास रखें:
* फीस की रसीद
* स्कूल द्वारा जारी नोटिस
* किताब या ड्रेस खरीदने का निर्देश
ये दस्तावेज जांच के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आफलाइन के साथ-साथ आॅनलाइन माध्यम भी उपलब्ध है। अभिभावक पीएम ग्रीवांस पोर्टल के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है। प्रयागराज समेत कई जिलों में अभिभावकों ने निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर आवाज उठाई है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और स्कूलों को चेतावनी दी गई है।
सरकार की यह पहल अभिभावकों को राहत देने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
अगर आप भी ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो बिना झिझक शिकायत करें और अपने अधिकारों का उपयोग करें।