पीलीभीत में लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में जलभराव के कारण धान, गन्ना, दलहन और तिलहन समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा है।

UP News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के बाद खेतों में जलभराव होने से धान, गन्ने समेत कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। फसलों के नुकसान के बाद किसान अब सरकार और प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कृषि विभाग के अनुसार बारिश और जलभराव से जिले में 45,132 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इनमें धान और गन्ने की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। शुरुआती आकलन में धान की फसल में करीब 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया गया है। कृषि विभाग की ओर से कराए गए प्रथम चरण के सर्वे में 22,900 हेक्टेयर धान और 20,500 हेक्टेयर गन्ने की फसल प्रभावित मिली है। इसके अलावा दलहन और तिलहन की फसलों को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है। UP News:
फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार के आदेश पर तीन विभागों की संयुक्त टीम गठित की गई है। कृषि विभाग, राजस्व विभाग और फसल बीमा कंपनी की तीन सदस्यीय टीम खेतों में पहुंचकर फसल क्षति का सर्वे कर रही है। कृषि अधिकारी राममिलन परिहार के अनुसार प्रारंभिक सर्वे में गन्ने की फसल में करीब 8 से 10 प्रतिशत तथा दलहन और तिलहन में 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
लगातार बारिश और खेतों में पानी भरने से किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई किसानों को तैयार हो रही फसल के खराब होने की चिंता सता रही है। ऐसे में प्रशासन की ओर से शुरू किए गए सर्वे से किसानों को राहत की उम्मीद जगी है। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे पूरा होने के बाद फसल क्षति का सही आकलन किया जाएगा और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल संयुक्त टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आंकलन करने में जुटी है। UP News:
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