मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवतियों को गिफ्ट का झांसा देने वाले कथित साइबर गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार। 1.75 लाख नकद बरामद।

UP News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कथित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। हरचंदपुर पुलिस, चन्दापुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मैट्रिमोनियल साइट और सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से संपर्क कर कथित तौर पर ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवतियों से दोस्ती और बातचीत करते थे। विश्वास कायम होने के बाद महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद को कस्टम अधिकारी बताकर गिफ्ट छुड़ाने के नाम पर टैक्स की रकम जमा कराने को कहते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.75 लाख रुपये नकद, चार स्मार्टफोन, पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद करने का दावा किया है।
हरचंदपुर थाना प्रभारी प्रवीण सिंह के मुताबिक, 21 सितंबर को थाना क्षेत्र की ग्रामीण बैंक शाखा जोहवाशर्की में एक व्यक्ति द्वारा कथित अनधिकृत वित्तीय लेनदेन किए जाने की शिकायत मिली थी। साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवेश तुषार ने मौके पर जांच की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान बैंक खाताधारकों की अनुमति के बिना वित्तीय लेनदेन किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद हरचंदपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने लेनदेन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर टीम ने दतौली लिंक रोड के पास दबिश दी। यहां से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरविंद कुमार, प्रसून जयन्त, शिवा मिश्रा और मिथलेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी जोहवाशर्की, थाना हरचंदपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.75 लाख रुपये नकद के अलावा चार स्मार्ट मोबाइल फोन, पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस पूछताछ के अनुसार, आरोपी मैट्रिमोनियल साइटों पर कथित तौर पर विदेशी व्यक्तियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसके बाद युवतियों से चैटिंग के जरिए संपर्क बढ़ाया जाता था। पुलिस का कहना है कि बातचीत के दौरान आरोपी युवतियों का विश्वास जीतते थे और फिर उन्हें महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देते थे। इसी दौरान गिरोह के दूसरे सदस्य कथित तौर पर कस्टम अधिकारी बनकर फोन करते थे। पुलिस के मुताबिक, कस्टम अधिकारी बनकर फोन करने वाले आरोपी युवतियों से कहते थे कि उनके नाम पर महंगा गिफ्ट आया है और उसे छुड़ाने के लिए टैक्स या अन्य शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद युवतियों से कथित तौर पर गिरोह के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस के अनुसार, खाते में रकम आने के बाद उसे एटीएम या चेक के माध्यम से निकाला जाता था और गिरोह के सदस्यों के बीच बांट लिया जाता था।
हरचंदपुर थाना प्रभारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस कथित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, जिन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कथित ठगी में किया गया, उनकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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