वाराणसी में चक्रवात अर्नब के असर से मौसम बदल गया है। लगातार बारिश और 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण 24 घंटे में तापमान 8 डिग्री गिर गया। गंगा में छोटी नावों का संचालन बंद कर दिया गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चक्रवात अर्नब का असर दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने अक्टूबर महीने में ही लोगों को ठंड का एहसास करा दिया है। गुरुवार सुबह करीब चार बजे शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रही। मौसम में आए अचानक बदलाव के चलते महज 24 घंटे के भीतर अधिकतम तापमान करीब आठ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बुधवार को 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया अधिकतम तापमान गुरुवार को गिरकर 24.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में गिरावट के कारण सुबह के समय सड़कों पर भी अपेक्षाकृत कम चहल-पहल दिखाई दी। मौसम विभाग के अनुसार, वाराणसी प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में रहा।
लगातार बादल छाए रहने, बारिश और तेज हवाओं के कारण काशी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। अधिकतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में भी महज तीन डिग्री का अंतर रह गया है। अचानक तापमान गिरने से लोगों को अक्टूबर में ही सर्दी का एहसास होने लगा है।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में वाराणसी में करीब दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान हवा की रफ्तार 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। बारिश और तेज हवाओं के चलते मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। लगातार बारिश से शहर की सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है। वहीं, गंगा के 84 घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। खराब मौसम के कारण स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और गंगा घाटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। UP News:
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, शुक्रवार शाम से चक्रवात का प्रभाव कम होने की संभावना है। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। हालांकि, ठंडी हवाओं के कारण लोगों को कुछ समय तक सिहरन महसूस हो सकती है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को आंधी, बिजली चमकने और बादल गरजने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका असर वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के गाजीपुर, सोनभद्र, चंदौली और बलिया जिलों में भी देखने को मिल सकता है। शनिवार सुबह धूप निकलने के साथ तापमान में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद जताई गई है।
खराब मौसम और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंगा में छोटी नावों का संचालन फिलहाल बंद कर दिया है। बड़ी नावों के संचालन को भी मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है। मांझी समाज के विनोद निषाद के मुताबिक, नाविकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अगले आदेश तक नावों का संचालन बंद रखने को कहा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी नावों को घाट किनारे सुरक्षित बांधकर रखा गया है। UP News:
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