यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र की है, जहाँ 25 और 26 दिसंबर को स्थानीय लोगों ने दूषित पानी का सेवन किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

UP News : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल के कारण लोगों की जान जाने का मामला गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 149 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इनमें से कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र की है, जहाँ 25 और 26 दिसंबर को स्थानीय लोगों ने दूषित पानी का सेवन किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में कई शहरों को सफाई के नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं और इंदौर भी उन्हीं में शामिल है। बावजूद इसके, अगर पीने का पानी ही जानलेवा साबित हो रहा है, तो ऐसे पुरस्कारों का क्या मतलब रह जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जब सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाता है, तो जिम्मेदारी लेने के बजाय टालमटोल किया जाता है। अखिलेश यादव ने नदियों की सफाई को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है।
घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई है। प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई की जांच की जा रही है और संभावित कारणों की तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। गौरतलब है कि इंदौर को 2017 से लगातार 8 बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया जा चुका है। ऐसे शहर में दूषित पानी से मौतों की खबर ने स्वच्छता व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले से जुड़ा एक मंत्री का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।