यूपी पुलिस के पूर्व एडीजी का डीपफेक वीडियो वायरल, बुजुर्ग से ठगी
फिल्मी सितारों के बाद अब साइबर ठगों की निगाह पुलिस महकमे पर भी पड़ गई है। ताजी घटना में उत्तर प्रदेश के पूर्व एडीजी डीपफेक के शिकार हुए हैं
Deepfake video episode
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 04:08 PM
Deepfake video episode फिल्मी सितारों के बाद अब साइबर ठगों की निगाह पुलिस महकमे पर भी पड़ गई है। ताजी घटना में उत्तर प्रदेश के पूर्व एडीजी डीपफेक के शिकार हुए हैं। पुलिस को गाजियाबाद के कवि नगर थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की बेटी ने शिकायत दी कि उनके बुजुर्ग पिता को वीडियो कॉल पर ब्लैकमेल किया गया है। पुलिस जब इसकी जांच करने लगी तो पता चला कि यह मामला डीपफेक का है और इसके शिकार बुजुर्ग जिस डीपफेक वीडियो के शिकार हुए उसमें वीडियो में जो चेहरा है वो उत्तर प्रदेश के पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश का है लेकिन आवाज़ साइबर ठग की हैं।
ठगी के लिए बड़ी हस्तियों को बनाया जा रहा निशाना
आजकल ठगों ने डीपफेक के माध्यम से ठगी का धंधा शुरू कर रखा है। इस तरह की ठगी के लिए जनप्रतिनिधियों, फिल्म अभिनेताओं, फिल्म अभिनेत्रियों और पुलिस अधिकारियों के चेहरे और उनके वीडियो का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन बड़ी हस्तियों की फोटो, वीडियो भी आसानी से मिल जाती है और अपनी इज्जत बचाने के चक्कर में ये जल्दी शिकार भी हो जाते हैं।
यह है मामला
हरसांव में रहने वाली मोनिका ने बताया कि उनके पिता के पास वीडियो कॉल कर कुछ लोग उनको ब्लैकमेल कर 74 हजार रुपये दो दिन में वसूल चुके हैं। फोन करने वाले में एक व्यक्ति खुद को द्वारका का एसपी बताता है और दूसरा अपना नाम संजय बताता है। बुजुर्ग धमकियों से तंग आकर आत्महत्या के कगार तक पहुंच गया था लेकिन लेकिन अंतत उसने धमकी भरे वीडियो की यह बात अपने घर वालों को बताई और बुजुर्ग की बेटी ने इस मामले की शिकायत कवि नगर थाना में की है। उनकी बेटी ने बताया कि इन दोनों ने उनके पिता से 74 हजार रुपये राजू नाम के व्यक्ति के अकाउंट में ट्रांसफर कराए हैं। मोनिका ने मामले की जानकारी एक अधिवक्ता को दी और दोनों ने आरोपित द्वारा वीडियो कॉल कर और रुपये देने के लिए कहा तो उसका वीडियो दूसरे फोन से रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो पुलिस के पास पहुंची तो पता चला कि पूर्व एडीजी का डीपफेक वीडियो बनाकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है।
घटना में कब क्या हुआ
बुजुर्ग ने जब नया स्मार्ट फोन लिया और उन्होंने फेसबुक अकाउंट बनाया तो फेसबुक अकाउंट बनाने के तुरंत बाद उनके पास एक वीडियो कॉल आई। जिसमें दूसरी तरफ नग्न स्त्री दिखाई पड़ी उन्होंने तुरंत फोन काट दिया। लेकिन उसके बाद उनके पास तुरंत दूसरा कॉल आया धमकी देने वाले साइबर ठग का आया। साइबर ठग ने मोनिका के पिता को डरा धमका कर कि वह नग्न औरतों से वीडियो पर बात करता है। उसका वीडियो उनके पास है और उनसे शुरू में 5000 रुपये मांगे गए और अपने खाते में ट्रांसफर कराए। उनकी डिमांड एक या दो पर खत्म नहीं हुई वह मोनिका के पिता को बार-बार डरा कर अपने नाम पैसे ट्रांसफर कराते रहे और यहां तक कि उन्हें अपने ऑफिस के लोगों से पैसा लेने के लिए लोन भी लेना पड़ा और इस तरह से उन्होंने 74000 ट्रांसफर करा लिए। तंग आकर उसके पिता ने आत्महत्या करने की सोच ली थी लेकिन तब पता नहीं क्या उनके मन में आया और उन्होंने परिवार से यह समस्या साझा किया। तब परिवार ने उनका साथ दिया और बेटी ने तुरंत कवि नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज करा दी।
वीडियो में दिखा उच्च पुलिस अधिकारी का चेहरा
https://twitter.com/i/status/1730172401944768901
जो वीडियो धमकी देने वाला का आया उसमें जो चेहरा है वो एक उच्च पुलिस अफसर का चेहरा दिखाई दे रहा था जिसमें लिप्सिंग की गई थी और वह उनसे धमकी देकर मामला दर्ज करने की बात कर रहा था। पुलिस ने जब जांच किया तो वीडियो में पुलिस के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी का चेहरा इस्तेमाल किया गया और आवाज साइबर ठग की थी। पुलिस ने देखा तो मामला समझ आया कि यह लिप्सिंग की गई है। यह साफ तौर पर डीपफेक का मामला था और डरा धमका कर ब्लैकमेल करके बुजुर्ग को ठगी की वारदात का शिकार बना लिया गया।
Deepfake video episode in hindi
पुलिस ने लिया मामले का संज्ञान
पुलिस ने बताया यह मामला क्लर्क के तौर पर काम करने वाले गोविंदपुरम निवासी अरविंद शर्मा के साथ घटा और अरविंद शर्मा की बेटी ने ही पुलिस को इस मामले की सूचना दी। शिकायत में बताया गया कि 4 नवंबर को जालसाजों ने फेसबुक वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को ठगने के लिए डीपफेक का इस्तेमाल किया था। बुजुर्ग अपने सामाजिक मान सम्मान को देखते हुए ब्लैकमेलिंग का शिकार होकर पैसा देते रहे। लेकिन आजिज आने पर जब परिवार के साथ यह बात साझा की तब इसका पर्दाफाश हुआ।
पुलिस मेटा फेसबुक व्हाट्सएप की मूल कंपनी से जांच में लेगी सहयोग
पुलिस इस बावत अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए अकाउंट का विवरण प्राप्त करने के लिए मेटा, फेसबुक और व्हाट्सएप की मूल कंपनी से भी विवरण मांग कर जांच करेगी।
गाजियाबाद में यह अपने तरह का पहला मामला आया
अतिरिक्त डीसीपी (अपराध और साइबर) सचिदानंद ने टीओआई को बताया कि यह गाजियाबाद में दर्ज होने वाला पहला Deepfake का ऐसा मामला था। पुलिस के मुताबिक , ''हमने मामले को सुलझाने के लिए एक टीम बनाई है.' 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रकाश ने कहा कि उन्हें बुधवार को डीपफेक वीडियो के बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि कुछ जालसाजों ने लोगों से उगाही करने के लिए उनके नाम से एक फेसबुक अकाउंट भी बनाया था। श्री प्रकाश ने कहा, "मैंने देखा है कि साइबर अपराध के अधिकांश पीड़ित पुलिस को मामले की रिपोर्ट नहीं करते हैं। लेकिन लोगों को शिकायत दर्ज करनी चाहिए और वे इसे राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर (1930) पर भी रिपोर्ट कर सकते हैं।"
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