दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए कई बड़े बुनियादी ढांचा उपहार आने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ मेट्रो और दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का उद्घाटन करेंगे। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 12 स्टेशनों के बीच यह मेट्रो चलेगी और इसे देश की सबसे तेज मेट्रो बताया जा रहा है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लोग जल्द ही कई बड़े बुनियादी ढांचा उपहार मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi 22 फरवरी को मेरठ मेट्रो और दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का उद्घाटन करेंगे। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 12 स्टेशनों के बीच चलने वाली यह मेट्रो 120 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और इसे देश की सबसे तेज मेट्रो बताया जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ तक रैपिड रेल यानी नमो भारत ट्रेन का 82 किलोमीटर का पूरा रूट चालू हो जाएगा। ये परियोजनाएं दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों यात्रियों के लिए यात्रा को आसान और तेज बनाएंगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी मार्च 2026 में खुलने वाला है। इस हाईवे के चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी जबकि वर्तमान में इसमें 6-7 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 210 किलोमीटर होगी और यह दिल्ली (अक्षरधाम), बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाएगी। इसमें एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है ताकि राजाजी नेशनल पार्क के जानवर सुरक्षित रह सकें। 28 फरवरी 2026 से इसके अंतिम खंडों पर ट्रायल रन की तैयारी भी शुरू होगी।
नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) भी मार्च 2026 में तैयार होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं। एयरपोर्ट का रनवे, एटीसी टावर और पैसेंजर टर्मिनल तैयार हैं और DGCA से एयरोड्रम लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उद्घाटन के बाद पहले चरण में घरेलू उड़ानें शुरू होंगी और 2026 के मध्य तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी संचालित होंगी। यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा और सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की सुविधा प्रदान कर सकेगा।
उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे भी जल्द ही चालू होने वाला है। इसका उद्घाटन 25 से 31 मार्च 2026 के बीच होने की संभावना है और आम जनता के लिए 1 अप्रैल 2026 से पूरा एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खुल जाएगा। 594 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग पर मेरठ से प्रयागराज की दूरी अब केवल 6 से 7 घंटे में पूरी होगी। एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे। इसके साथ ही टोल वसूली, कंक्रीट बाउंड्री और मेटल बीम क्रैश बैरियर जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी लगाई जा रही हैं।