उत्तर प्रदेश में बोले राज्यमंत्री: अमेरिकी टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति और सहयोग पर आधारित रही है। भारत ने न तो कभी किसी देश पर आक्रमण किया और न ही आतंकवाद जैसी गतिविधियों का समर्थन किया है।

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विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 07:13 PM
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UP News : केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा है कि अमेरिका को यह गलतफहमी नहीं रखनी चाहिए कि उसकी व्यापार नीतियों या टैरिफ फैसलों से भारत की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आज वैश्विक मंच पर एक सशक्त और भरोसेमंद देश के रूप में स्थापित हो चुका है और किसी एक राष्ट्र पर निर्भर नहीं है। गोंडा में आयोजित विकसित भारत जी-राम-जी जन जागरण अभियान में शामिल होने पहुंचे मंत्री ने योजना के उद्देश्यों और अब तक की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया यह भली-भांति समझ चुकी है कि भारत की आर्थिक और कूटनीतिक स्थिति मजबूत है। वैश्विक स्तर पर यदि किसी देश पर विश्वास किया जाता है, तो वह भारत है।

भारत की विदेश नीति हमेशा शांति और सहयोग पर आधारित

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति और सहयोग पर आधारित रही है। भारत ने न तो कभी किसी देश पर आक्रमण किया और न ही आतंकवाद जैसी गतिविधियों का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज पीएम मोदी एक प्रभावशाली वैश्विक नेता के रूप में पहचाने जाते हैं, जिनकी नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भरोसा करता है। रूस-भारत-चीन समूह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले वैश्विक व्यवस्था दो शक्तियों के इर्द-गिर्द घूमती थी, लेकिन अब दुनिया मल्टीपोलर व्यवस्था की ओर बढ़ चुकी है। इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार और अधिक प्रभावशाली हो रही है।

जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने गोंडा मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल में सामने आई व्यवस्थागत खामियों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं, जिनकी जानकारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव को दे दी गई है। सीटी स्कैन सुविधा, स्वच्छता और अन्य अवसंरचनात्मक समस्याओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है और जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे कोई व्यक्ति ऊंचे पद पर पहुंचता है, उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर घटना हुई, वहां पहले से नियम था कि वहां केवल पैदल आवागमन की अनुमति है। ऐसे में रथ ले जाना नियमों के खिलाफ था। उन्होंने दोहराया कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है और कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता।

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मेरठ में सीएम योगी का इशारा बना चर्चा का विषय, संगीत सोम को हटने को कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।

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सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 06:45 PM
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UP News : मेरठ के सलावा क्षेत्र में निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक छोटा-सा इशारा राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का कारण बन गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक संगीत सोम को पीछे हटने का संकेत दिया और मौके पर मौजूद एक राज्यमंत्री को अपने पास बुलाया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सीएम योगी खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।

सीएम ने संगीत सोम पीछे हटने को कहा

निरीक्षण के समय पूर्व विधायक संगीत सोम मुख्यमंत्री के काफी नजदीक खड़े दिखाई दिए। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने हाथ के इशारे से उन्हें पीछे रहने को कहा और यह स्पष्ट किया कि मंत्री को आगे खड़ा किया जाए। इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री दिनेश खटीक आगे आए और मुख्यमंत्री के पास खड़े हो गए, जबकि संगीत सोम पीछे हट गए। यह दृश्य वहां मौजूद मीडिया कैमरों में कैद हो गया। वीडियो सामने आते ही इसे सोशल मीडिया पर साझा किया जाने लगा, जिसके बाद राजनीतिक चचार्एं तेज हो गईं। जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादा और पद की गरिमा को रेखांकित करने वाला संदेश भी था।

संगीत सोम पहले भी विवादों में आ चुके हैं

गौरतलब है कि संगीत सोम वर्तमान में न तो विधायक हैं और न ही सरकार में किसी पद पर हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री का यह व्यवहार राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान संगीत सोम को लेकर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए थे और पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस की चर्चा हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन और प्रशासनिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे अनुशासन का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। भले ही यह घटना कुछ क्षणों की रही हो, लेकिन इसका असर गहरा माना जा रहा है और मेरठ की राजनीति में इसे एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

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अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच सीएम योगी का बड़ा बयान, किसे कहा कालनेमि

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक योगी, संत या सन्यासी के लिए निजी संपत्ति का कोई महत्व नहीं होता। धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है।

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सीएम योगी और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 05:13 PM
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UP News : प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच जारी विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अहम बयान सामने आया है। हरियाणा के सोनीपत स्थित नागे बाबा मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान उन्होंने धर्म और राष्ट्र को सर्वोच्च बताते हुए समाज को सतर्क रहने की अपील की।

धर्म की आड़ में साजिश रचने वालों पर हमलामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक योगी, संत या सन्यासी के लिए निजी संपत्ति का कोई महत्व नहीं होता। धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग धर्म का मुखौटा पहनकर सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं, ऐसे कालनेमियों से समाज को सावधान रहना होगा।

सनातन की मजबूती का प्रतीक बने तीर्थ स्थल

सीएम योगी ने कहा कि आज गुलामी की मानसिकता समाप्त हो चुकी है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और प्रयागराज में सामाजिक समरसता, संत समाज की शक्ति को दर्शाते हैं। यह परिवर्तन सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रमाण है।प्रशासन और शंकराचार्य के बीच टकराव

मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि पालकी से उतरने को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच कहासुनी बढ़ी, जिसके बाद शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार हुआ। इससे नाराज होकर शंकराचार्य धरने पर बैठ गए।नोटिस पर नोटिस, बढ़ता जा रहा टकराप्रशासन ने पहले नोटिस में शंकराचार्य पद को लेकर सवाल उठाए, जिसके जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे असंवैधानिक बताया। बाद में मेला क्षेत्र में एंट्री बैन और जमीन निरस्त करने का नोटिस भी भेजा गया। जवाब में उन्होंने कहा कि पालकी परंपरा 2500 वर्ष पुरानी सनातन परंपरा है और इसका अपमान स्वीकार्य नहीं।



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