सहारनपुर के देवबंद में वर्ष 2015 के महिला सामूहिक दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तत्कालीन SHO ब्रजमोहन यादव और SI वेदपाल सिंह को 20-20 साल की कठोर कैद सुनाई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के करीब सवा 11 साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रजमोहन यादव और उपनिरीक्षक वेदपाल सिंह को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग कुल 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2015 का है। पीड़िता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजीव तोमर के अनुसार, गुरुवार को अदालत ने दोनों पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह सजा के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोपहर में सजा का ऐलान किया।
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अधिवक्ता राजीव तोमर के मुताबिक, अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी के तहत दोनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, धारा 506 के तहत दोनों को पांच-पांच साल के कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। इस तरह प्रत्येक दोषी पर कुल 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने दोनों धाराओं के तहत सुनाई गई सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। इसके चलते दोनों दोषियों को कुल 20 साल की सजा भुगतनी होगी।
फैसले के बाद अधिवक्ता राजीव तोमर ने बताया कि पीड़िता ने न्याय पाने के लिए करीब सवा 11 साल तक लंबा संघर्ष किया। इस दौरान उसे मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से पीड़िता को कुछ हद तक संतोष मिला है, लेकिन उसकी इच्छा थी कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाए।
अधिवक्ता के अनुसार, पीड़िता और उनकी कानूनी टीम अदालत के फैसले तथा आदेश का अध्ययन कर रही है। इसके बाद सजा बढ़वाने और पीड़िता को अधिक मुआवजा दिलाने की मांग के साथ हाईकोर्ट में अपील या चुनौती देने पर विचार किया जाएगा। करीब 11 साल से अधिक समय तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद आए फैसले को पीड़िता के लिए अहम माना जा रहा है। अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
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