क्या पूर्व BJP विधायक देवमणि द्विवेदी की समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से हुई मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट है या इसके पीछे कोई सियासी संदेश भी छिपा है ?

UP News : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की लंभुआ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी की समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात ने जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। देवमणि द्विवेदी ने माता प्रसाद पांडेय से उनके निजी आवास पर मुलाकात की और इस दौरान अपनी पुस्तक ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ भी उन्हें भेंट की। मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इसके राजनीतिक मायने तलाशे जाने लगे हैं। हालांकि देवमणि द्विवेदी ने इस मुलाकात को राजनीतिक मुलाकात मानने के बजाय शिष्टाचार भेंट बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि माता प्रसाद पांडेय के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने के बाद वह उनका हालचाल जानने पहुंचे थे। UP News
देवमणि द्विवेदी ने बताया कि पुलिस अधिकारी के तौर पर उनके करियर की शुरुआत सिद्धार्थनगर से हुई थी। सिद्धार्थनगर माता प्रसाद पांडेय का गृह जनपद भी है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से पांडेय से उनका पुराना परिचय और स्नेह का संबंध रहा है। मुलाकात के दौरान पुस्तक भेंट किए जाने और तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद सुल्तानपुर की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। हालांकि फिलहाल देवमणि द्विवेदी की ओर से किसी राजनीतिक बदलाव या किसी दल में जाने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। UP News
देवमणि द्विवेदी ने वर्ष 2017 में चुनावी राजनीति में कदम रखा था। रेलवे भूमि प्राधिकरण में महाप्रबंधक पद से वीआरएस लेने के बाद उन्होंने भाजपा के टिकट पर लंभुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 78,627 वोट हासिल किए थे। उन्होंने बसपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री विनोद सिंह को 12,903 मतों के अंतर से हराया था। भाजपा के पक्ष में बने राजनीतिक माहौल के बीच लंभुआ से उनकी जीत ने उन्हें जिले की राजनीति में प्रमुख चेहरों में शामिल कर दिया था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने देवमणि द्विवेदी को दोबारा टिकट नहीं दिया। पार्टी ने उनकी जगह वर्ष 2017 में सदर विधानसभा सीट से निर्वाचित सीताराम वर्मा को लंभुआ से चुनाव मैदान में उतारा। टिकट नहीं मिलने के बाद भी देवमणि द्विवेदी ने लंभुआ और सुल्तानपुर क्षेत्र से अपना जुड़ाव बनाए रखा। उनकी क्षेत्रीय सक्रियता समय-समय पर राजनीतिक चर्चा का विषय बनती रही है। UP News
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