UP News: प्रत्येक प्रतिष्ठान पर संचालक का नाम, पता और अन्य विवरण सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

UP News: रायबरेली सावन माह में कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी मीट की दुकानों को 30 जुलाई से बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं यात्रा मार्ग पर संचालित ढाबों और रेस्टोरेंटों के लिए भी नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब प्रत्येक प्रतिष्ठान पर संचालक का नाम, पता और अन्य विवरण सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त मानिक चंद ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर संचालित सभी ढाबों और रेस्टोरेंटों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप की जानकारी वाला पंपलेट लगाया जा रहा है। इस पर संचालक का नाम, मोबाइल नंबर, पूरा पता और ई-मेल आईडी अंकित होगी। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग का टोल फ्री नंबर भी दर्ज रहेगा, ताकि उपभोक्ता किसी भी अनियमितता की शिकायत तत्काल दर्ज करा सकें।
'टोल फ्री नंबर के माध्यम से शिकायत'
चंद ने बताया कि यदि किसी प्रतिष्ठान पर बासी, मिलावटी या अस्वच्छ भोजन परोसा जाता है अथवा साफ-सफाई में लापरवाही मिलती है तो कांवड़िए और अन्य उपभोक्ता मौके से ही ऐप या टोल फ्री नंबर के माध्यम से शिकायत कर सकेंगे। शिकायत मिलते ही विभाग की टीम तत्काल जांच करेगी और दोषी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मानिक चन्द ने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जिले से होकर गुजरते हैं। ऐसे में उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ढाबा संचालकों को नियमों की जानकारी दे रहा है और सभी प्रतिष्ठानों पर आवश्यक पंपलेट भी चस्पा कराए जा रहे हैं।
'मीट की दुकानें बंद'
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मार्ग पर मीट की दुकानें बंद रखने के आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ संयुक्त रूप से लगातार निरीक्षण करेंगी। नियमों का उल्लंघन, खाद्य पदार्थों में मिलावट या अन्य अनियमितता मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, भोजन की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
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