क्या पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप और व्यक्तित्व को लेकर दिए गए कथित बयान पर कानूनी कार्रवाई होगी? उत्तर प्रदेश के रायबरेली में यह मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

UP News : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप और व्यक्तित्व को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में मंगलवार को रायबरेली के अधिवक्ताओं ने विरोध जताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ता अखिलेश माही के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित एक वीडियो में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा, उनके नाम और बांसुरी बजाने की शैली को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों से भगवान श्रीकृष्ण के करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
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ज्ञापन में कहा गया कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण सनातन धर्म के परम आराध्य हैं। दोनों के आदर्शों, जीवन और लीलाओं का अपना विशिष्ट महत्व है। किसी एक आराध्य की महिमा बताने के लिए दूसरे के स्वरूप या व्यक्तित्व को कमतर दिखाना अथवा उसका उपहास करना उचित नहीं है। अधिवक्ताओं ने भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम, करुणा, न्याय और नीति का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवद्गीता के माध्यम से उन्होंने संसार को कर्म का संदेश दिया है। ऐसे आराध्य के बारे में कथित रूप से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। UP News :
अधिवक्ता अखिलेश माही ने कहा कि धार्मिक कथाओं और प्रवचनों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग आध्यात्मिकता से जुड़ते हैं। इसलिए कथावाचकों और धर्मगुरुओं की जिम्मेदारी है कि वे अपनी वाणी में संयम रखें और सभी देवी-देवताओं तथा आराध्यों के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखें।
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मांग की कि सामने आए वीडियो और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित कथावाचक के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के विवादों की पुनरावृत्ति न हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान शिव कुमार, राहुल निर्मल सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। UP News :
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