योगी सरकार ने मेडिकल शिक्षा में उठाया बड़ा कदम, 1,200 पदों पर भर्ती का ऐलान

1,230 नर्सिंग अधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह भर्ती युवाओं को सरकारी नौकरी देने और स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से पूरी होगी।

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योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar04 Jan 2026 06:39 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 1,200 शिक्षण पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। इनमें सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ता शामिल हैं। इसके अलावा 1,230 नर्सिंग अधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह भर्ती युवाओं को सरकारी नौकरी देने और स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से पूरी होगी।

पदों का वितरण इस प्रकार है

* सहायक आचार्य: 1,112 पद

* आचार्य: 44 पद

* फामेर्सी प्रवक्ता: 11 पद

अब लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज मौजूद

मुख्यमंत्री का उद्देश्य सिर्फ डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि शोध, गुणवत्ता और व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देना भी है। नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। पिछले नौ वर्षों में राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। अब लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज मौजूद हैं। योग्य शिक्षकों की यह भर्ती छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन और शिक्षा देने में मदद करेगी। इससे भविष्य में प्रदेश में कुशल डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ तैयार होंगे।

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उत्तर प्रदेश के इस शहर में बनेगा 4 लेन ओवरब्रिज, मिलेगी जाम से निजात

विक्रमादित्य मार्ग स्थित दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग पर जल्द ही चार लेन का आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इस पुल के बन जाने के बाद लाखों लोगों को रेलवे फाटक पर रुकने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा और शहर की यातायात व्यवस्था कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।

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4 लेन ओवरब्रिज
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar04 Jan 2026 03:36 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए एक अहम कदम उठाया जा रहा है। विक्रमादित्य मार्ग स्थित दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग पर जल्द ही चार लेन का आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इस पुल के बन जाने के बाद लाखों लोगों को रेलवे फाटक पर रुकने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा और शहर की यातायात व्यवस्था कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।

यह ओवरब्रिज चार लेन का होगा

प्रस्तावित ओवरब्रिज की लंबाई लगभग 650 मीटर होगी और यह चार लेन का होगा, जिससे भारी ट्रैफिक का दबाव आसानी से संभाला जा सकेगा। यह पुल सुलतानपुर रोड, हजरतगंज, लालबत्ती चौराहा और कटाई वाला पुल (सोमनाथ द्वार) जैसे प्रमुख इलाकों को बेहतर ढंग से जोड़ने का काम करेगा। इससे शहर के मध्य और पूर्वी हिस्सों के बीच आवागमन पहले से तेज और आसान हो जाएगा।

ओवरब्रिज बनने के बाद वाहन बिना रुके रेलवे लाइन पार कर सकेंगे

फिलहाल दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेनों की लगातार आवाजाही के कारण फाटक बार-बार बंद होता है, जिससे विक्रमादित्य मार्ग और आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है। खासकर दफ्तर जाने वाले लोगों, स्कूली वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने के बाद वाहन बिना रुके रेलवे लाइन पार कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए रेलवे, लेसा, ग्रीन गैस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया है। यदि निर्माण क्षेत्र में बिजली लाइन या गैस पाइपलाइन जैसी कोई समस्या सामने आती है, तो उसका समाधान पहले ही सुनिश्चित किया जाएगा।

आपातकालीन वाहनों को ट्रैफिक में फँसने की समस्या नहीं होगी

इस ओवरब्रिज का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूती दोनों बनी रहे। इसके शुरू होने से एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों को ट्रैफिक में फँसने की समस्या नहीं होगी। यह परियोजना वीवीआईपी मूवमेंट वाले विक्रमादित्य मार्ग पर यातायात को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में भी मददगार साबित होगी। रेलवे ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को सौंपी है। अनुमान है कि इसी महीने के अंत तक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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उत्तर प्रदेश पुलिस में नए साल पर व्यापक प्रशासनिक बदलाव

इन पदोन्नतियों के बाद एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी स्तर पर कई पद रिक्त हो गए हैं। इसी कारण आने वाले दिनों में राज्य के अनेक जिलों में नए पुलिस कप्तानों की नियुक्ति की जाएगी। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस संबंध में मंथन तेज हो गया है और तबादला सूची जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

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पुलिस विभाग में बदलाव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar04 Jan 2026 05:44 PM
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UP News : नववर्ष की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 1 जनवरी 2026 से कुल 50 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है, जिसके चलते प्रदेश भर में पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। इन पदोन्नतियों के बाद एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी स्तर पर कई पद रिक्त हो गए हैं। इसी कारण आने वाले दिनों में राज्य के अनेक जिलों में नए पुलिस कप्तानों की नियुक्ति की जाएगी। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस संबंध में मंथन तेज हो गया है और तबादला सूची जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही हैबैच के अनुसार प्रमोशन का विवरण

2013 बैच के 28 आईपीएस अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड प्रदान किया गया है, जिससे उनकी वरिष्ठता और जिम्मेदारियों में वृद्धि हुई है। 2012 बैच के 13 आईपीएस अधिकारी जिन्हें एसपी पद से डीआईजी रैंक में पदोन्नत किया गया है। इनमें से 6 अधिकारी वर्तमान में जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में तैनात थे, जिनके प्रमोशन के बाद संबंधित जिलों में नई नियुक्तियां की जाएंगी।

तबादलों की तैयारी तेज

पदोन्नति के कारण कई अहम पद खाली हो गए हैं, जिससे पुलिस विभाग में नई तैनातियों की आवश्यकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम होगा। प्रदेश के कई जिलों में जल्द ही नए एसपी/एसएसपी कार्यभार संभालेंगे, जिससे स्थानीय प्रशासनिक ढांचे में बदलाव देखने को मिलेगा।।

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