उत्तर प्रदेश के हाथरस से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक मृत गोवंश को दफनाने के लिए बुलाई गई नगर पालिका की JCB मशीन की चपेट में आने से 11 वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।

UP News : उत्तर प्रदेश के हाथरस से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक मृत गोवंश को दफनाने के लिए बुलाई गई नगर पालिका की JCB मशीन की चपेट में आने से 11 वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने JCB चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह दर्दनाक हादसा हाथरस शहर के जोगीपुरा आदर्शनगर इलाके में रविवार शाम हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार की गाय की मौत के बाद उसे दफनाने के लिए नगर पालिका से JCB मंगाई गई थी। मशीन से गड्ढा खोदकर गोवंश को दफनाया गया। इसी दौरान वहां बड़ी संख्या में बच्चे और ग्रामीण मशीन की खुदाई देखने के लिए मौजूद थे। UP News
बताया गया है कि बबलू नाम के व्यक्ति की गाय की मौत हो गई थी। परिवार ने स्थानीय सभासद के माध्यम से नगर पालिका को सूचना दी और गाय को दफनाने के लिए JCB मंगवाई गई। इसके बाद नगर पालिका का चालक और परिचालक मशीन लेकर मौके पर पहुंचे। JCB की मदद से घर के पास खाली जगह पर गड्ढा खोदा गया और मृत गोवंश को दफनाया गया। खुदाई और पूरी प्रक्रिया देखने के लिए आसपास के लोग तथा बच्चे वहां जमा हो गए थे। इसी दौरान वह हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। UP News
आपको बता दें कि काम पूरा होने के बाद JCB को पीछे करते समय चालक ने कथित तौर पर मशीन को तेज गति से पीछे किया और उसका पंजा घूम गया। इसी दौरान पास में खड़ी मासूम नैना उसकी चपेट में आ गई। रिपोर्ट के अनुसार, JCB का लोहे का पंजा बच्ची के पेट में गंभीर रूप से घुस गया। हादसे में बच्ची बुरी तरह घायल हो गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। बच्ची मृत गाय को दफनाने के लिए लाई गई JCB की चपेट में आई और उसकी मौके पर मौत हो गई। UP News
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने JCB चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि JCB चालक और उसका साथी नशे में थे तथा मशीन चलाते समय आसपास खड़े बच्चों का ध्यान नहीं रखा गया। पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल हादसे को चालक की लापरवाही से जुड़ा बताया है। CO हिमांश माथुर के मुताबिक, परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों में तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया। UP News
हादसे के समय बच्ची के पिता बबलू अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज गए हुए थे। उनकी पत्नी की तबीयत खराब थी और वह इलाज के लिए वहां गए थे। हादसे की जानकारी मिलने के बाद जब वह हाथरस पहुंचे और अपनी मासूम बेटी का शव देखा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दुखद है क्योंकि कुछ ही देर पहले तक वहां एक सामान्य प्रक्रिया चल रही थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि मृत गोवंश को दफनाने के लिए बुलाई गई मशीन एक परिवार की मासूम बेटी की जिंदगी छीन लेगी। इस घटना ने भारी मशीनों के संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। JCB की खुदाई देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे मौके पर जमा थे। ऐसे में मशीन के आसपास लोगों की मौजूदगी के बीच पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे या नहीं, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। विशेषज्ञ स्तर पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना इतना जरूर कहा जा सकता है कि JCB जैसी भारी मशीन के संचालन के दौरान उसके आसपास लोगों की सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है। UP News
हादसे के बाद पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। JCB चालक को हिरासत में लेकर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि मशीन किस तरह संचालित की जा रही थी, हादसे के समय बच्ची मशीन से कितनी दूरी पर थी और सुरक्षा के लिए मौके पर क्या व्यवस्था की गई थी। UP News
हाथरस की यह घटना सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर भारी मशीनरी के संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। मृत गोवंश को दफनाने जैसी प्रक्रिया के दौरान भी JCB के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और उसी दौरान एक मासूम की जान चली गई। ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को मशीन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। नैना अब इस दुनिया में नहीं है। उसके परिवार के लिए यह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता। लेकिन इस हादसे के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि अगर JCB के आसपास मौजूद लोगों को पर्याप्त दूरी पर रखा जाता या मशीन को पीछे करते समय अतिरिक्त सावधानी बरती जाती, तो क्या इस दर्दनाक हादसे को रोका जा सकता था? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से सामने आएगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि हाथरस के जोगीपुरा में एक मासूम बच्ची की JCB की चपेट में आने से जान चली गई और पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। UP News
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