पूर्व IAS की स्वतंत्र राजनीति का ऐलान उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल में किस तरह की चर्चा पैदा कर रहा है ? दिव्या मित्तल ने आखिर क्यों किसी पार्टी का झंडा थामने के बजाय जनता के साथ नया राजनीतिक मंच बनाने का रास्ता चुना ?

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में उतरने के ऐलान के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने दिव्या मित्तल के राजनीतिक कदम पर प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने कहा कि IAS बनना आसान है, लेकिन विधायक बनना बहुत मुश्किल है।दिव्या मित्तल ने मंगलवार को अपने राजनीतिक भविष्य का ऐलान करते हुए कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जाएंगी, बल्कि आम लोगों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करेंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी ‘कर्मभूमि’ बताते हुए यहीं से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने की बात कही है। UP News
ओम प्रकाश राजभर ने राजनीति में धन के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जिसके पास पैसा आ जाता है, वह राजनीति में आने की इच्छा रखने लगता है। राजभर की यह टिप्पणी दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश के ऐलान के बाद सामने आई है। हालांकि, उनके बयान में दिव्या मित्तल की राजनीतिक भूमिका या भविष्य को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। UP News
2013 बैच की IAS अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने करीब एक महीने पहले प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ था। अब उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा करते हुए कहा है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के झंडे के नीचे काम नहीं करेंगी। उनके मुताबिक, वह जनता के साथ मिलकर एक नया राजनीतिक मंच बनाने की दिशा में काम करेंगी। दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति के जरिए आम लोगों की समस्याओं को सीधे उठाने और बदलाव के लिए काम करने का प्रयास करेंगी। ओम प्रकाश राजभर और दिव्या मित्तल के बयानों के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस नए घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। UP News
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