“ज़ेहनों में अँधेरे…”: दिवाकर राही के वो शेर जो आज के दौर में भी फिट बैठते हैं

आगे चलकर उन्होंने विधि की शिक्षा हासिल की और वकालत को अपना पेशा बनाया, लेकिन उनका असली मुक़दमा हमेशा इंसान और इंसाफ़ के बीच चलता रहा। अदालत की बहसें, पीड़ित की चुप्पी, और न्याय की तल्ख़ सच्चाइयाँ इन सबका असर उनकी रचनाओं में साफ़ दिखता है।

दिवाकर राही की शायरी

दिवाकर राही की शायरी

locationउत्तर प्रदेश
userAbhijeet Yadav
calendar10 Jan 2026 11:54 AM
bookmark

विज्ञापन

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें
चेतना दृष्टि
चेतना दृष्टि