चर्चित IAS अधिकारी को होगी सजा

इस चार्जशीट में उत्तर प्रदेश को निंलबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बाकायदा रिश्वत लेने का आरोपी माना गया है। दूसरी तरफ इस पूरे प्रकरण में ED की जांच में भी IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश पूरी तरह से फंसते हुए नजर आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश
उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar12 Jan 2026 05:50 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के नाम की खूब चर्चा हो रही है। कानून के जानकार पहले ही आशंका जता चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के इस चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को जेल जाना पड़ेगा। इस पूरे मामले को जानने वालों का दावा है कि IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को ना केवल जेल जाना पड़ेगा बल्कि सजा भी भुगतनी पड़ेगी।

उत्तर प्रदेश की SIT ने घोषित किया आरोपी

उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के मामले में हाल ही में अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। इस मामले में यह चार्जशीट उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गठित की गई विशेष जांच टीम यानि कि SIT ने दाखिल की है। IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के मामले में SIT ने पूरे 1600 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। इस चार्जशीट में उत्तर प्रदेश को निंलबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बाकायदा रिश्वत लेने का आरोपी माना गया है। दूसरी तरफ इस पूरे प्रकरण में ED की जांच में भी IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश पूरी तरह से फंसते हुए नजर आ रहे हैं। 

कौन है उत्तर प्रदेश का IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश

उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश का परिचय बहुत ही दिलचस्प है। उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश का जन्म बिहार के सिवान जिले में 21 दिसंबर 1982 को हुआ था. वे बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार थे. शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास की और IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक की डिग्री ली। इंजीनियरिंग के तुरंत बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और 2005 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे भारत में 8वीं रैंक हासिल की। 2006 में जब उन्होंने प्रशासनिक सेवा जॉइन की तो उन्हें नागालैंड कैडर मिला। उनकी शुरुआती छवि एक ईमानदार और मेहनती अफसर की थी. अभिषेक प्रकाश आईएएस की निजी जिंदगी किसी फिल्म जैसी रही। उनकी जान-पहचान अदिति सिंह (2009 बैच आईएएस) से हुई। उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. जल्द ही उन्होंने शादी करने का फैसला किया। उस समय IAS अभिषेक नागालैंड कैडर में तैनात थे, जबकि आईएएस अदिति सिंह को यूपी कैडर अलॉट हुआ था। शादी के आधार पर (Spouse Ground) अभिषेक ने नागालैंड छोड़कर उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिनियुक्ति (Deputation) करा ली थी।

पत्नी के साथ बड़ा विवाद

आपको बता दें कि IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश तथा उनकी पत्नी IAS अ​दिति सिंह के बीच शादी के कुछ सालों बाद ही कड़वाहट आ गई. यह विवाद इतना सार्वजनिक हुआ कि अदिति सिंह ने शासन से अभिषेक की शिकायत की और उन्हें उनके मूल कैडर (नागालैंड) वापस भेजने की मांग तक कर डाली। अभिषेक प्रकाश के यूपी कैडर में स्थायी विलय (Permanent Absorption) को लेकर सालों तक कानूनी लड़ाई चली। इस दौरान उनके व्यक्तिगत झगड़ों की खबरें अक्सर अखबारों की सुर्खियां बनती रहीं। आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला किया और उनका तलाक हो गया. लेकिन इस विवाद ने प्रशासनिक हलकों में उनकी साख को काफी प्रभावित किया.आईएएस अभिषेक प्रकाश के पतन का सबसे बड़ा कारण बना ‘इन्वेस्ट यूपी’(Invest UP) में उनका कार्यकाल. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक बड़ी सोलर कंपनी (SAEL Solar) के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने और सब्सिडी दिलवाने के बदले अपने खास बिचौलिए निकांत जैन के जरिए 5% कमीशन की मांग की थी। UP News


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उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कड़ी कार्रवाई, 17 चिकित्साधिकारी बर्खास्त

कुछ चिकित्साधिकारियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतों के बाद 4 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

brijesh (1)
स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Jan 2026 05:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने वाले 17 चिकित्साधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। यह कदम लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं में रुकावट डालने वाले मामलों के चलते उठाया गया। सरकार ने साफ कर दिया कि अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मरीजों के साथ अनुचित व्यवहार

कुछ चिकित्साधिकारियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतों के बाद 4 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना

डॉ. गजेंद्र सिंह ने नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसके कारण उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। सरकार ने इस प्रकार की अवहेलना को गंभीर अनुशासनहीनता बताया। बीकेटी ट्रॉमा सेंटर में तैनात 4 चिकित्साधिकारियों को मरीजों की देखभाल में लापरवाही के आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चेतावनी और वेतन वृद्धि रोक

3 चिकित्साधिकारियों को चेतावनी दी गई। 5 चिकित्साधिकारियों की वेतन वृद्धि रोक दी गई और उन्हें अनुशासनिक दंड दिया गया।

दवाओं की खरीद में अनियमितताओं के लिए दोषी पाए गए 2 चिकित्साधिकारियों की पेंशन में 10% की कटौती करने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और सरकारी धन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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15 जनवरी को रहेगी छुट्टी, सब कुछ रहेगा बंद

उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार, 15 जनवरी को राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, सचिवालय, तहसील, विकासखंड कार्यालय, सरकारी विद्यालय, कॉलेज और अन्य शासकीय संस्थान बंद रहेंगे। यह छुट्टी प्रदेशभर में समान रूप से लागू होगी।

15 जनवरी को प्रदेशभर में शासकीय संस्थान बंद
15 जनवरी को प्रदेशभर में शासकीय संस्थान बंद
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar12 Jan 2026 05:09 PM
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UP News : 15 जनवरी 2026 के दिन पूरी तरह से छुट्टी रहेगी। 15 जनवरी 2026 को बृहस्पतिवार का दिन है। बृहस्पतिवार यानि 15 जनवरी का दिन छुट्टी का दिन घोषित कर दिया गया है। 15 जनवरी के दिन कोई साधारण छुट्टी नहीं रहेगी बल्कि 15 जनवरी को सभी स्कूल, कॉलिज, सरकारी दफ्तर यहां तक कि तमाम उद्योग भी बंद रहेंगे। यह भी कहा जा सकता है कि 15 जनवरी को सब कुछ बंद रहेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषित कर दी है 15 जनवरी की छुट्टी

आपको बता दें कि हर किसी को छुट्टी के दिन का इंतजार रहता है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से छुट्टी की प्रतीक्षा करने वालों के लिए बड़ी खबर आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी 2026 के दिन को छुट्टी वाला दिन घोषित कर दिया है। इस बात को इस प्रकार भी समझ सकते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी को सभी स्कूल, कॉलिज, सरकारी दफ्तर तथा उद्योगों में छुट्टी रखने की अधिसूचना जारी कर दी है।

क्यों घोषित की गई 15 जनवरी 2026 की छुट्टी

आपको बता दें कि 15 जनवरी 2026 को छुट्टी का दिन घोषित करने का कारण बेहद खास कारण है। दरअसल 15 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति पड़ रही है। इसी कारण 15 जनवरी 2026 का दिन छुट्टी का दिन घोषित कर दिया गया है। 15 जनवरी 2026 की छुट्टी की घोषणा के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर दिया गया है, जिसे सभी संबंधित विभागों को भेजा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार, 15 जनवरी को राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, सचिवालय, तहसील, विकासखंड कार्यालय, सरकारी विद्यालय, कॉलेज और अन्य शासकीय संस्थान बंद रहेंगे। यह छुट्टी प्रदेशभर में समान रूप से लागू होगी। 

 मकर संक्रांति के कारण होंगे धार्मिक आयोजन

15 जनवरी 2026 को छुट्टी तो अवश्य रहेगी। इस दौरान 15 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के कारण अनेक धार्मिक आयोजन होंगे। इस कारण 15 जनवरी को छुट्टी लॉकडाउन की तरह से नहीं होगी। मकर संक्रांति उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य, तिल और गुड़ का सेवन तथा धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, हरिद्वार से सटे क्षेत्रों और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर ब?ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है।

15 जनवरी की छुट्टी से मिलेगा फायदा

सरकार का मानना है कि छुट्टी घोषित करने से लोगों को पर्व मनाने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने में सुविधा मिलेगी। साथ ही, प्रशासन ने संबंधित जिलों को त्योहार के दौरान सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। इस छुट्टी की घोषणा से छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को राहत मिली है। लोग अब मकर संक्रांति के अवसर पर परिवार के साथ समय बिताने और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की तैयारी कर रहे हैं। UP News


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