बिजनौर में लापता दंपति के शव मिलने के मामले की जांच में संभल की स्निफर डॉग मैरी को लगाया गया है। जंगल और गंगा में सर्च अभियान चलाकर पुलिस सुराग जुटा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में लापता दंपति के शव जंगल में मिलने के मामले की जांच तेज कर दी गई है। कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के जलालपुर काजी में मिले पति-पत्नी के शवों के मामले में पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। केस की कड़ियां जोड़ने के लिए अब संभल की डॉग स्क्वायड टीम की सदस्य मैरी को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस और जांच एजेंसियां घटनास्थल के आसपास जंगल में साक्ष्य और सुराग तलाश रही हैं। इसके अलावा गंगा नदी में भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की जानकारी ली है।
बिजनौर पुलिस ने मामले की जांच में संभल की डॉग स्क्वायड की सदस्य मैरी को शामिल किया है। मैरी एक लैब्राडोर स्निफर डॉग है और पुलिस के मुताबिक उसे घटनास्थल से संभावित सुराग तलाशने के लिए लगाया गया है। मैरी ने घटनास्थल के आसपास जंगल में सर्च अभियान में हिस्सा लिया। पुलिस टीम उसके जरिए संभावित गंध और दूसरे सुरागों को तलाशने की कोशिश कर रही है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस के अनुसार मैरी को गंध के आधार पर सुराग तलाशने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि उसकी मदद से घटनास्थल और आसपास के इलाके से जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं। पुलिस के अनुसार मैरी ने इससे पहले संभल में एक नाबालिग बच्ची से जुड़े दुष्कर्म मामले की जांच में भी गंध के आधार पर सुराग तलाशने में मदद की थी। अब उसे बिजनौर के इस मामले की जांच में लगाया गया है। UP News
कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के जलालपुर काजी इलाके में लापता दंपति के शव जंगल में मिले थे। शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। दंपति की मौत की परिस्थितियों और घटनाक्रम को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजनौर पुलिस के साथ खुफिया तंत्र और अन्य जांच एजेंसियां भी जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस संभावित सुरागों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाशने में जुटी है। घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक महत्वपूर्ण तथ्य को साक्ष्य के आधार पर परखा जा रहा है।
पुलिस जांच के तहत दंपति से जुड़े कपड़ों और अन्य संभावित साक्ष्यों की तलाश भी की जा रही है। इसके लिए नदी क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया गया है। गंगा में सर्च अभियान के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है। पुलिस और संबंधित टीम संभावित साक्ष्यों की तलाश में नदी के आसपास के क्षेत्र को भी खंगाल रही है। सर्च अभियान में पीएसी की फ्लड कंपनी और जल पुलिस को भी लगाया गया है। अलग-अलग टीमें अपने स्तर पर संभावित सुराग जुटाने में लगी हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी और डीआईजी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जांच में जुटी टीमों से जानकारी ली और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
बिजनौर के एसपी केके बिश्नोई के अनुसार मामले में खुफिया एजेंसी, फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड और पीएसी जल पुलिस की टीमों को लगाया गया है। सभी टीमें अपने-अपने स्तर से साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की जा रही है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। एसपी के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस मामले की कड़ियों को जोड़कर घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने लाने पर है। एसपी ने कहा है कि मामले में की जा रही कार्रवाई और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी मीडिया को दी जाएगी। पुलिस फिलहाल साक्ष्य जुटाने और मामले की जांच आगे बढ़ाने में लगी है। UP News
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