2005 बैच के IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. अब प्रयागराज मंडल के मंडलायुक्त हैं। नोएडा CEO से लेकर PWD सचिव तक उनका प्रशासनिक सफर और कार्यशैली चर्चा में रही है।

UP News: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जिनकी पहचान केवल पद से नहीं बल्कि अपनी कार्यशैली और फैसले लेने के अंदाज से बनती है। उत्तर प्रदेश कैडर के वर्ष-2005 के प्रसिद्ध IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. भी ऐसे ही अधिकारियों में गिने जाते हैं। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. लोकेश एम. वर्तमान में प्रयागराज मंडल के मंडलायुक्त हैं। डॉ. लोकेश एम. की प्रशासनिक यात्रा को देखें तो अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में उनकी कार्यशैली का एक खास पैटर्न दिखाई देता है। व्यवस्था में सुधार, अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और जमीनी स्तर पर प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाना उनके कार्य करने की विशेषता है।
प्रसिद्ध IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. ने सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त के रूप में भी काम किया था। उस दौरान नशे के खिलाफ अभियान और नशामुक्ति केंद्रों की पहल को लेकर IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. की कार्यशैली चर्चा में रही। बाद में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के रूप में भी उन्होंने शहर की सडक़ों, फुटपाथों, सेंट्रल वर्ज, सार्वजनिक स्थानों और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया था। यानी उनकी प्रशासनिक शैली में केवल फाइलों के निस्तारण के बजाय शहर और आम नागरिक से सीधे जुड़े विषयों पर काम करने की प्राथमिकता दिखाई देती है। नोएडा प्राधिकरण के CEO के पद पर रहते हुए उन्होंने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की जवाबदेही तय की और नोएडा के विकास में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त एक्शन लिया। UP News:
जुलाई 2023 में डॉ. लोकेश एम. ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ का पद संभाला था। उस समय उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर नोएडा को बेहतर और सुंदर शहर बनाने तथा आवंटियों, किसानों और अन्य हितधारकों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया था। इसके बाद IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. ने उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें प्रयागराज मंडल की कमान सौंपी है।
प्रयागराज सामान्य प्रशासनिक मंडल नहीं है। यहां प्रयागराज के साथ फतेहपुर, कौशांबी और प्रतापगढ़ जैसे जिले मंडल के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. के सामने कानून-व्यवस्था से लेकर राजस्व, विकास योजनाओं, सरकारी विभागों के बीच समन्वय, जन शिकायतों और शासन की प्राथमिकताओं को जमीन पर लागू कराने जैसी बड़ी जिम्मेदारी है। IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. के सामने अब चुनौती यह है कि अलग-अलग विभागों में काम करने के दौरान विकसित हुई उनकी प्रशासनिक कार्यशैली को प्रयागराज मंडल की व्यापक जरूरतों के अनुरूप किस तरह लागू किया जाए।
IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. की कार्यशैली को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात उनकी जवाबदेही आधारित प्रशासनिक सोच मानी जाती है। विभागीय काम में लापरवाही, नागरिक समस्याओं की अनदेखी अथवा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती जैसे मामलों में प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाना इसी सोच का हिस्सा है। हालांकि, किसी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर किए गए व्यापक दावों को प्रत्येक मामले के आधिकारिक आदेश या कार्रवाई से अलग-अलग सत्यापित करना जरूरी है।
डॉ. लोकेश एम. का करियर लंबी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से भरा हुआ है। उन्होंने सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में प्रशासनिक सेवा शुरू करने के बाद सहारनपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, कौशांबी में जिलाधिकारी सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद सहारनपुर के मंडलायुक्त, नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और उत्तर प्रदेश PWD में सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इस पूरी यात्रा को देखें तो प्रयागराज में उनकी नई भूमिका उनके प्रशासनिक अनुभव की एक महत्वपूर्ण परीक्षा है।UP News:
प्रयागराज में डॉ. लोकेश एम. की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मंडल में विकास योजनाओं की गति बढ़ाने, सरकारी विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित करने और आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान की अपेक्षा रहती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नोएडा और PWD में दिखाई देने वाली उनकी सुधारवादी और सख्त प्रशासनिक शैली प्रयागराज में भी उतनी ही प्रभावी साबित होगी?आने वाले दिनों में विभागीय समीक्षा, अधिकारियों की जवाबदेही, विकास कार्यों की निगरानी और जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर उनके फैसले यह तय करेंगे कि प्रयागराज में डॉ. लोकेश एम. की प्रशासनिक पहचान किस रूप में और मजबूत होती है। UP News:
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