प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। राज्यपाल से सम्मानित बीटेक टॉपर आनंद कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। राज्यपाल से सम्मानित बीटेक टॉपर आनंद कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से सरकारी नौकरी नहीं मिलने से मानसिक तनाव में था। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा, "सॉरी पापा... मैंने लगभग 50 बार सरकारी नौकरी पाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। I Hate Myself... मुझसे कुछ नहीं हो पाया।"
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23 वर्षीय आनंद कुमार ने वर्ष 2024 में कानपुर के पीएसआईटी (PSIT) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। उन्होंने पूरे उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया था। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा सम्मानित किया गया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, लेकिन उनका सपना सरकारी नौकरी हासिल करना था।
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परिजनों के अनुसार आनंद ने रेलवे, एसएससी, बैंक और अन्य सरकारी भर्तियों सहित करीब 50 प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया था। लगातार असफलता मिलने से वह गहरे तनाव में रहने लगा था। घटना के समय परिवार बिहार में बड़े भाई की शादी का रिश्ता तय करने गया हुआ था और आनंद घर पर अकेला था। जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां आनंद का शव फंदे से लटका मिला।
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पुलिस को मौके से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला है। उसमें आनंद ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि उसने सरकारी नौकरी पाने के लिए लगभग 50 बार प्रयास किया, लेकिन हर बार असफल रहा। उसने लिखा कि उसे लगता है कि वह कुछ हासिल नहीं कर सका। इस भावुक संदेश ने परिवार और जानने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया।
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आनंद के पिता राजकुमार ने बताया कि बेटे पर सरकारी नौकरी पाने का दबाव था, जबकि वह निजी कंपनी में नौकरी भी कर रहा था। बेटे की मौत के बाद उन्होंने कहा कि अगर सरकारी नौकरी नहीं मिली थी तो भी जीवन खत्म करने की जरूरत नहीं थी। परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट गया है।
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कानपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौके से सुसाइड नोट मिला है और प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। (AajTak)
यदि आप या आपका कोई परिचित निराशा, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो कृपया किसी भरोसेमंद व्यक्ति से तुरंत बात करें और किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या स्थानीय हेल्पलाइन से सहायता लें। समय पर मदद मिलना बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है।
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