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UP News: उत्तर प्रदेश में जल्द चुनाव की चर्चा तो काफी दिनों से चल रही थी लेकिन अब तीन ऐसे कारण दिख रहे हैं जिन्होंने इस संभावना को काफी प्रबल बना दिया है।

UP News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव तय समय से पहले होने की अटकलें जोरों पर हैं। इन चर्चाओं में कितना सच है यह तो नहीं कहा जा सकता। लेकिन जो संकेत मिल रहे हैं उनसे इस संभावना को बल मिल रहा है कि चुनाव समय से पहले होंगे। आज हम आपको तीन ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो समय से पहले चुनाव का कारण बन सकते हैं: -
समय से पहले चुनाव के तीन प्रमुख कारण:
1. जनगणना vs चुनाव
देशभर में जनगणना का पहला चरण 30 सितंबर तक चल रहा है। दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। यूपी में इसके लिए 5.25 लाख शिक्षक और सैकड़ों एसडीएम/डीएम की ड्यूटी लगी हुई है। वहीं विधानसभा चुनाव के लिए 1.77 लाख बूथों पर 7 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।
अधिकारियों का कहना है कि जनगणना करने वाला स्टाफ ही चुनाव ड्यूटी पर लगेगा। दोनों काम एक साथ होने पर पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर भारी बोझ पड़ेगा और काम ठप हो सकता है। यही वजह समय से पहले चुनाव कराने की सबसे मजबूत वजह मानी जा रही है।
2. बोर्ड परीक्षाओं से टकराव
फरवरी-मार्च में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई की परीक्षाएं होती हैं। लाखों शिक्षक परीक्षा कराने और कॉपियां जांचने में व्यस्त रहते हैं। 2022 में चुनाव के बाद परीक्षाएं कराई गई थीं। अगर चुनाव फरवरी-मार्च में हुए तो दोनों कामों में टकराव होगा, जिससे शिक्षक समुदाय और छात्रों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
3. आर्थिक मंदी और महंगाई का असर
पीएम मोदी और राहुल गांधी समेत कई नेता आर्थिक संकट और महंगाई को लेकर चिंता जता चुके हैं। जनवरी-मार्च तिमाही में मंदी का असर आम जनता पर साफ दिख सकता है। भाजपा इसे रिस्क नहीं लेना चाहती और माहौल बिगड़ने से पहले चुनाव कराकर फायदा उठाना चाहती है।
राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज
बीजेपी ने बूथ स्तर पर कमेटियां मजबूत कर रही है, प्रभारी मंत्रियों को जिलों में भेजा गया है। सीएम योगी ने ताबड़तोड़ जिलों के दौरे शुरू कर दिए हैं। हर जिले में करोड़ों की परियोजनाओं के शिलान्यास हो रहे हैं। सपा ने 200 उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय कर लिए हैं। अखिलेश ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चुनाव कभी भी हो बूथ स्तर की कमेटियों को हर वक्त तैयार रहना होगा। बसपा और सुभासपा भी अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। INDIA ब्लॉक की बैठक और PDA फॉर्मूले को मजबूत करने की कोशिशें विपक्ष की सक्रियता दिखा रही हैं।
भाजपा अचानक चुनाव कराकर विपक्ष को तैयारी का समय नहीं देना चाहती। वहीं सपा-बसपा बीजेपी की इस चाल को भांपकर तैयारियां कर रहे हैं। अंतिम फैसला चुनाव आयोग करेगा, लेकिन संकेत साफ हैं कि यूपी में 2027 से पहले चुनावी बिगुल बज सकता है। UP News
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