Education : रिटायर प्राचार्य ने 72 वर्ष की आयु में एमए कर मिसाल कायम की
Retired Principal sets an example by doing MA at the age of 72
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2022 05:52 PM
जिस उम्र में इंसान अपने पोते पोतियों की शिक्षा पर ध्यान देता है, उस उम्र में खुद को किताबों से रिश्ता जोड़कर उच्च शिक्षा प्राप्त करना वाकई काबिले तारीफ है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर के तेजपाल सिंह। 72 वर्ष की उम्र में MA हिन्दी की डिग्री प्राप्त करके मुजफ्फरनगर के तेजपाल सिंह ने यह सिद्ध कर दिया कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती और व्यक्ति को अंतिम सांस तक शिक्षा प्राप्त करने का प्रयास करते रहना करना चाहिए।
तेजपाल सिंह एक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रहे हैं। उन्होंने एमए की यह पांचवीं डिग्री प्राप्त की है। तेजपाल सिंह 28 अक्टूबर 1978 को जनता इंटर कॉलेज कुटेसरा जिला मुजफ्फरनगर में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त हुए थे। उन्होंने तय किया कि वे अध्यापक रहते हुए भी अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे।
Education :
उन्होंने 1983 में इतिहास विषय में एमए की डिग्री ली। 2001 में राजनीति शास्त्र में एमए किया। जुलाई 2006 में प्रोन्नति पाकर वह प्रधानाचार्य बन गए। 30 जून 2012 को रिटायर हो गये। रिटायर होने के बाद साल 2013 में उन्होंने शिक्षा शास्त्र में एमए किया और 2016 में समाजशास्त्र विषय से एमए की डिग्री ली। वर्ष 2020 में तेजपाल सिंह ने LLB की। अब 2022 में 72 वर्ष की आयु में उन्होंने हिंदी विषय से एमए किया है।
शिक्षा के क्षेत्र में तेजपाल सिंह एक मिसाल हैं। उन्होंने सिद्ध किया है कि पढ़ने की कोई आयु नहीं होती और व्यक्ति जीवन की अंतिम सांस तक भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है।