वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश फिलहाल सफल नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट की पहल के तहत हुई सुलह वार्ता में दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए।

UP News : वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश फिलहाल सफल नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट की पहल के तहत हुई सुलह वार्ता में दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए। अब मामले का समाधान न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चल रहे ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए की गई पहल बेनतीजा रही। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वाराणसी में आयोजित बैठक में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि शामिल हुए, लेकिन लंबे विचार-विमर्श के बाद भी किसी समझौते का रास्ता नहीं निकल सका। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने साफ कर दिया कि अब इस संवेदनशील मामले का अंतिम समाधान अदालत के निर्णय से ही होगा। दोनों पक्ष अपने-अपने कानूनी तर्क और साक्ष्य न्यायालय के सामने रखने की बात कह रहे हैं।
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ज्ञानवापी मामले में लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच सुप्रीम कोर्ट की ओर से आपसी बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश की गई थी। इसी क्रम में वाराणसी में प्री-कॉन्सिलिएशन बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें संबंधित पक्षों के वकील और प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्देश्य था कि यदि दोनों पक्ष किसी सहमति पर पहुंचते हैं तो विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। हालांकि, बैठक में ऐसा कोई रास्ता नहीं निकल पाया।
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हिंदू पक्ष की ओर से कहा गया कि उन्होंने बातचीत की प्रक्रिया में पूरी गंभीरता से हिस्सा लिया, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। पक्षकारों का कहना है कि अब अदालत ही इस मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और कानूनी तथ्यों के आधार पर फैसला करेगी। न्यायपालिका के निर्णय को स्वीकार किया जाएगा। मुस्लिम पक्ष की ओर से भी कहा गया कि बातचीत के दौरान कोई सहमति नहीं बन पाई। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के अपने-अपने कानूनी दावे हैं, जिन्हें न्यायालय के सामने रखा जा रहा है। मामले से जुड़े पक्ष आगे भी अदालत में अपनी दलीलें जारी रखेंगे।
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ज्ञानवापी विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। बैठक स्थल और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की कोशिश रही कि बैठक शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। सुलह वार्ता विफल होने के बाद अब सभी पक्षों की निगाहें न्यायिक प्रक्रिया पर हैं। ज्ञानवापी मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है और इससे जुड़े कई पहलुओं पर अलग-अलग स्तरों पर सुनवाई चल रही है।
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