
उत्तर प्रदेश में पते पर पंजीकृत 121 राजनीतिक दलों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन दलों ने पिछले छह वर्षों यानी वर्ष 2019 से 2024 के बीच कोई भी लोकसभा या विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है। Uttar Pradesh Samachar
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी दी कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत इन दलों को नोटिस भेजा गया है। दलों के अध्यक्ष या महासचिव से अपेक्षा की गई है कि वे 21 अगस्त, 2025 तक अपना जवाब, शपथ पत्र और संबंधित दस्तावेजों सहित मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय (चतुर्थ तल, विकास भवन, जनपथ मार्केट, लखनऊ 226001) में जमा करें।
इसके अतिरिक्त, इच्छुक दल 2 और 3 सितम्बर 2025 को निर्धारित समय पर व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। रिणवा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई दल निर्धारित तिथि तक जवाब नहीं देता है तो यह माना जाएगा कि उसके पास कहने को कुछ नहीं है। ऐसी स्थिति में, उस दल का नाम पंजीकृत राजनीतिक दलों की सूची से हटाने की संस्तुति सहित प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले आयोग ने 9 अगस्त, 2025 को 115 ऐसे दलों का पंजीकरण रद्द कर दिया था, जो उत्तर प्रदेश में पंजीकृत थे और लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय नहीं थे। इन दलों को आयोग के निर्णय की तिथि से 30 दिनों के भीतर नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।कारण बताओ नोटिस संबंधित दलों के पंजीकृत पते पर रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेजे जा चुके हैं। इन दलों की सूची भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। Uttar Pradesh Samachar