बिजनौर के इनायतपुर गांव में जंगली हाथियों ने एक ही रात में कई किसानों की गन्ने और धान की फसलें रौंद दीं। बढ़ापुर क्षेत्र में हुई इस घटना से किसान परेशान हैं और उन्हें बैंक का कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जंगली हाथियों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के इनायतपुर गांव में हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर गन्ने और धान की खड़ी फसलों को रौंद दिया। एक ही रात में कई किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। फसल कटाई के करीब पहुंचने के समय हुए इस नुकसान से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने और हाथियों को आबादी वाले इलाकों में आने से रोकने के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, जंगल से निकलकर जंगली हाथी इनायतपुर गांव के खेतों में पहुंच गए। हाथियों ने खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। प्रभावित किसानों में राजेश पाल सिंह की करीब पांच बीघा गन्ने की फसल, राजपाल सिंह की लगभग दो बीघा गन्ने की फसल और बलराज सिंह की पांच बीघा गन्ने के साथ दो बीघा धान की फसल शामिल है। इसके अलावा राजेंद्र सिंह की करीब छह बीघा गन्ने की फसल भी बर्बाद होने की जानकारी सामने आई है। हाथियों ने अन्य किसानों के खेतों में भी नुकसान पहुंचाया है। फसलें नष्ट होने से प्रभावित किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि खेती पर खर्च की गई रकम और बैंक से लिए गए कर्ज की भरपाई कैसे होगी, यह समझ नहीं आ रहा। परिवार के भरण-पोषण को लेकर भी उनकी चिंता बढ़ गई है। UP News :
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घटना के दौरान किसानों ने जंगली हाथियों की तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद किए। किसानों के अनुसार, हाथियों के खेतों में पहुंचने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। अब उन्हें अगली फसल की तैयारी और परिवार के खर्चों के साथ कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसलों को हुए नुकसान का जल्द आकलन कराया जाए और नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उनका कहना है कि बार-बार जंगली हाथियों के खेतों तक पहुंचने की समस्या का स्थायी समाधान भी जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह का नुकसान न हो। UP News :
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घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित खेतों में फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया। अजय सिंह के मुताबिक, टीम किसानों के नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही किसानों को जंगली हाथियों से बचाव के लिए सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। फिलहाल किसानों को नुकसान के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग और प्रशासन मिलकर ऐसे प्रभावी इंतजाम करें, जिनसे जंगली हाथियों की खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में आवाजाही कम हो तथा किसानों की फसलों और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। UP News :
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