प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े जॉब स्कैम का खुलासा हुआ है, जिसमें एनजीओ में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 150 युवाओं को ठग लिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े जॉब स्कैम का खुलासा हुआ है, जिसमें एनजीओ में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 150 युवाओं को ठग लिया गया। आरोप है कि युवाओं को हर महीने 90,000 तक सैलरी का सपना दिखाकर पहले उन्हें ट्रेनिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के जाल में फंसाया गया, और फिर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए।
जानकारी के मुताबिक, ठगों ने खुद को एक प्रतिष्ठित एनजीओ से जुड़ा बताकर सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप और लोकल नेटवर्क के जरिए भर्ती अभियान चलाया। बेरोजगार युवाओं को टारगेट करते हुए उन्हें बताया गया कि संस्था ग्रामीण विकास और सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है, जिसमें तुरंत भर्ती हो रही है।
* उम्मीदवारों को बिना कठिन प्रक्रिया के सेलेक्ट कर लिया जाता था
* इंटरव्यू केवल औपचारिकता बनकर रह गया था
* जॉइनिंग लेटर और आईडी कार्ड भी दिए गए।
इस पूरे प्रोसेस ने युवाओं को यकीन दिला दिया कि नौकरी असली है।
चयन के बाद युवाओं से अलग-अलग मदों में पैसे मांगे गए:
* रजिस्ट्रेशन फीस
* ट्रेनिंग चार्ज
* यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड शुल्क
हर उम्मीदवार से हजारों से लेकर लाख रुपये तक वसूले गए। कुछ युवाओं ने उधार लेकर भी पैसे जमा किए, क्योंकि उन्हें जल्द नौकरी मिलने की उम्मीद थी।
विश्वास बढ़ाने के लिए आरोपियों ने लखनऊ में अस्थायी आॅफिस भी तैयार किया था। यहां कुछ दिनों तक ट्रेनिंग सेशन चलाए गए, ताकि किसी को शक न हो।
* ट्रेनिंग में एनजीओ के कामकाज का दिखावा
* फर्जी प्रोजेक्ट्स और सरकारी योजनाओं का जिक्र
* फील्ड जॉब के नाम पर जल्द पोस्टिंग का भरोसा।
लेकिन जैसे ही पैसे इकट्ठा हो गए, आॅफिस बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए।
कुछ दिनों तक जॉइनिंग डेट टलती रही। जब युवाओं ने संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन बंद मिले और आॅफिस खाली मिला। तब जाकर पीड़ितों को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं। कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच में यह मामला करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का बताया जा रहा है।
पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
* संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच
* गिरोह के नेटवर्क को ट्रेस करने की कोशिश
* अन्य राज्यों से कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो अलग-अलग शहरों में इसी तरह के फ्रॉड को अंजाम देता है।
* बढ़ती बेरोजगारी
* जल्दी नौकरी पाने की जल्दबाजी
* हाई सैलरी का लालच
* सही जानकारी और वेरिफिकेशन की कमी
ये सभी कारण ऐसे गैंग्स के लिए मौका बन जाते हैं।
* किसी भी नौकरी के लिए पहले पैसे न दें
* कंपनी/एनजीओ का रजिस्ट्रेशन और बैकग्राउंड जरूर जांचें
* आॅफिशियल ईमेल और वेबसाइट की पुष्टि करें
* आॅफर लेटर को क्रॉस-वेरिफाई करें।
लखनऊ का यह एनजीओ जॉब स्कैम एक बार फिर यह साबित करता है कि ठग अब बेरोजगारी को हथियार बनाकर युवाओं को निशाना बना रहे हैं। नौकरी की तलाश में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को पल भर में खत्म कर सकती है।