इन 3 एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा पूरा उत्तर प्रदेश, जानिए कब तक पूरे होंगे?
भारत
चेतना मंच
13 Aug 2025 12:49 PM
उत्तर प्रदेश में सड़क और राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर 2025 में एक नए दौर से गुजर रहा है। पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक कई महत्वपूर्ण हाईवे परियोजनाएं इस वर्ष पूरी हो रही हैं या अंतिम चरण में हैं, जिससे दूरवर्ती जिलों के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा बल्कि क्षेत्रीय विकास और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। Uttar Pradesh News
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल क्षेत्र को राजधानी से जोड़ने वाला 91.35 किलोमीटर लंबा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे इस साल 20 जून को जनता के लिए खोल दिया गया। यह पूर्ण रूप से नियंत्रित-प्रवेश (एक्सेस कंट्रोल्ड) एक्सप्रेसवे गोरखपुर बाईपास (राष्ट्रीय राजमार्ग-27) पर जैतपुर गांव से शुरू होकर आजमगढ़ जिले के सालारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलता है। चार लेन का यह ग्रीनफील्ड मार्ग गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जैसे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों से होकर गुजरता है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से गोरखपुर से लखनऊ की यात्रा लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि पहले लगभग साढ़े चार घंटे लगते थे। इससे पूर्वांचल से लखनऊ होते हुए आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे के जरिये दिल्ली तक का सफर भी आसान हो गया है। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। Uttar Pradesh News
पूर्वांचल के पूर्वी छोर पर ग्रीनफील्ड गाजीपुर-बलिया एक्सप्रेसवे तेजी से बनकर तैयार हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार 132 किलोमीटर लंबे इस फोर-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य सितंबर 2025 तक पूरा करके यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर के जंगीपुर से शुरू होकर बलिया जनपद में गंगा नदी स्थित मांझीघाट तक जाएगा, साथ ही इससे एक 17 किमी लंबी अतिरिक्त लिंक सड़क बिहार के बक्सर तक जोड़ी जाएगी। करीब ₹5500 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर गाजीपुर, बलिया सहित आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी में भारी सुधार होगा। पूर्वांचल के इन सीमावर्ती इलाकों से लखनऊ, वाराणसी, पटना और दिल्ली जैसे महानगरों की दूरी समय में सिमटेगी। क्षेत्रीय व्यापार को भी बल मिलेगा, क्योंकि बलिया तथा आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों की सब्जी, अनाज, दुग्ध आदि उत्पाद तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे भी 2025 में पूर्ण होने की ओर है। लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह छह-लेन (विस्तार योग्य आठ-लेन) एक्सप्रेसवे मेरठ जिले के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जिले के जूदापुर दांडू गांव तक जाएगा, और मार्ग में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ समेत कुल 12 जिलों को कवर करेगा। राज्य सरकार के अनुसार परियोजना नवंबर 2025 तक पूरी होकर चालू होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने पर मेरठ-प्रयागराज के बीच यात्रा का समय वर्तमान ~12 घंटों से घटकर मात्र 6-7 घंटे रह जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल के प्रयागराज सहित दर्जनों जिलों की राजधानी क्षेत्र व पश्चिमी यूपी से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे आवागमन तेज़ होने के साथ-साथ इन मार्गों पर बसे क्षेत्रों में औद्योगिक-वाणिज्यिक विकास को नई गति मिलेगी।
इन परियोजनाओं के माध्यम से 2025 में प्रदेश में सड़क नेटवर्क का परिदृश्य बदल रहा है। पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक तेज़ रफ्तार मार्गों के विस्तार से दूरस्थ जिलों के बीच की दूरी घटी है और यातायात सुगमता बढ़ी है। बेहतर सड़क संपर्क से गाँव-कस्बों को बड़े शहरों से जोड़ने में मदद मिल रही है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, व्यापार और पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है। 2025 के भीतर पूर्ण हो रहीं ये राजमार्ग परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को बुनियादी ढांचे के नए स्तर पर ले जाकर पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड के संतुलित विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं। Uttar Pradesh News