ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरियों की जमीनी हकीकत कई सवाल खड़े कर रही है। लाइब्रेरियों की स्थिति देखकर ऐसा लगा कि कागजों पर सुविधाओं और जमीन पर उनकी वास्तविक तस्वीर के बीच अभी भी काफी अंतर है।

UP News : ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरियों की जमीनी हकीकत कई सवाल खड़े कर रही है। इन लाइब्रेरियों की स्थिति देखकर ऐसा लगा कि कागजों पर सुविधाओं और जमीन पर उनकी वास्तविक तस्वीर के बीच अभी भी काफी अंतर है। इटावा के महेवा ब्लॉक में निरीक्षण के दौरान एक डिजिटल लाइब्रेरी में एक भी विद्यार्थी नहीं मिला, जबकि दूसरी जगह बच्चे पढ़ते तो मिले, लेकिन लाइब्रेरी का भवन ही जर्जर हालत में नजर आया। ऐसे में सुविधाओं के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। UP News
महेवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुकुटपुर के मिनी सचिवालय में बनी डिजिटल लाइब्रेरी में निरीक्षण के दौरान एक भी विद्यार्थी मौजूद नहीं मिला। पंचायत सहायक ज्योति कुमारी वहां किताबों को अलमारी में व्यवस्थित करती मिलीं।लाइब्रेरी में दो पंखे, दो नए कंप्यूटर, प्रिंटर, करीब 13 कुर्सियां और दो टेबल रखी मिलीं। पंचायत सहायक के अनुसार रजिस्टर में 10 बच्चों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे लाइब्रेरी आते रहते हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर लाइब्रेरी का संचालन नियमित नहीं होने का आरोप लगाया। लाइब्रेरी का वाई-फाई भी काफी समय से बंद बताया गया। UP News
मिनी सचिवालय परिसर में लगा वाटर कूलर भी बंद मिला। बताया गया कि समर खराब होने के कारण पानी नहीं आ रहा है। ग्राम प्रधान को इसकी जानकारी देकर मरम्मत कराने की बात कही गई। ऐसे में सवाल यह है कि जब ग्रामीण बच्चों के लिए पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई है, तो वहां मूलभूत सुविधाओं की नियमित उपलब्धता और संचालन पर निगरानी कितनी प्रभावी है? UP News
मिनी सचिवालय परिसर में वर्ष 2019-20 में बनाए गए दो सामुदायिक शौचालय भी जर्जर हालत में मिले। उनकी दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि भवन पुराने और क्षतिग्रस्त हैं। उनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव किया गया है। UP News
वहीं ग्राम पंचायत फतेहपुर के मजरा महासिंहपुर में नहर पटरी के पास बने मिनी सचिवालय में डिजिटल लाइब्रेरी संचालित मिली। निरीक्षण के दौरान यहां दो विद्यार्थी पढ़ते मिले। लाइब्रेरी में 19 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था के साथ टेबल, लॉकर, पंखे, कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरे और इनवर्टर की सुविधा मिली। यानी पढ़ाई के लिए जरूरी कई संसाधन यहां उपलब्ध नजर आए। लेकिन चिंता की बात यह है कि लाइब्रेरी का भवन ही जर्जर हालत में है और दीवारों में दरारें बताई गईं। ऐसे में जिस जगह बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ने का अवसर मिलना चाहिए, वहीं भवन की स्थिति उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। UP News
ग्रामीणों ने जर्जर भवन की जल्द मरम्मत कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि बच्चों को डिजिटल शिक्षा देने के लिए कंप्यूटर, सीसीटीवी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तभी सार्थक है, जब उन्हें पढ़ने के लिए सुरक्षित भवन भी मिले। एक ओर डिजिटल लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर दीवारों में पड़ी दरारें व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यदि भवन की हालत पहले से जर्जर है तो बच्चों के नियमित रूप से वहां बैठकर पढ़ने की व्यवस्था जारी रखना उनकी सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है। ऐसे में केवल सुविधाएं जुटाने के बजाय भवन की सुरक्षा और समय पर मरम्मत पर भी जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान देना होगा। UP News
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