शिकायतकर्ता ने तत्कालीन लेखपाल मनीष दुबे की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्र में संपत्तियों के स्पष्ट अधिकार अभिलेख तैयार करना है। योजना के तहत सर्वे और मैपिंग के बाद ग्रामीण परिवारों को संपत्ति संबंधी अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए

UP News : उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में भारत सरकार की स्वामित्व योजना के तहत तैयार की गई घरोनी को लेकर विवाद सामने आया है। जसवंतनगर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खेड़ा बुजुर्ग के नगला केहरी गांव निवासी शिकायतकर्ता राहुल कुमार ने घरोनी में दर्ज भूमि को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन लेखपाल मनीष दुबे की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्र में संपत्तियों के स्पष्ट अधिकार अभिलेख तैयार करना है। योजना के तहत सर्वे और मैपिंग के बाद ग्रामीण परिवारों को संपत्ति संबंधी अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के आधिकारिक स्वामित्व पोर्टल के अनुसार योजना का एक उद्देश्य संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना भी है। UP News
शिकायतकर्ता राहुल कुमार के अनुसार, गांव में पहले परिवार के लोगों और सभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में घरेलू बंटवारा हुआ था। आरोप है कि इस बंटवारे में एक भाई को आबादी क्षेत्र में बना मकान दिया गया था, जबकि उसके बदले अन्य दो भाइयों को खेत में हिस्सा दिया गया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि बाद में स्वामित्व योजना के तहत तैयार की गई घरोनी में उक्त मकान से संबंधित जमीन दूसरे पक्ष के नाम दर्ज हो गई। इसके बाद खेत में भी हिस्सेदारी मांगने को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। राहुल कुमार का कहना है कि जिस स्थान पर मकान बना हुआ है, वहां वह करीब 20 वर्षों से रह रहे हैं। उनका आरोप है कि स्वामित्व योजना के अभिलेख तैयार होने के दौरान रिकॉर्ड में ऐसी स्थिति पैदा हुई, जिससे पुराने पारिवारिक बंटवारे और वर्तमान घरोनी के बीच विवाद खड़ा हो गया। UP News
शिकायतकर्ता राहुल कुमार के अनुसार, उन्होंने मामले को लेकर IGRS (Integrated Grievance Redressal System) के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। उनका आरोप है कि शिकायत पर तहसीलदार जसवंतनगर की ओर से घरोनी में भविष्य में बदलाव किए जाने की बात कही गई, लेकिन रिकॉर्ड तैयार होने की प्रक्रिया में कथित अनियमितता की विस्तृत जांच नहीं की गई। राहुल कुमार का कहना है कि यदि घरोनी तैयार करने के दौरान किसी स्तर पर गलती हुई है तो केवल रिकॉर्ड में बाद में संशोधन की बात पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि यह भी जांचा जाना चाहिए कि अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही। UP News
शिकायतकर्ता राहुल कुमार ने तत्कालीन लेखपाल मनीष दुबे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में पुराने पारिवारिक बंटवारे, मौके पर कब्जे, मकान की स्थिति और स्वामित्व योजना के तहत तैयार अभिलेखों का मिलान कराया जाना चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके की वास्तविक स्थिति और घरोनी में दर्ज विवरण के बीच कोई अंतर है या नहीं। UP News
शिकायतकर्ता राहुल कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र में पूर्व में भरथना तहसील क्षेत्र में घरोनी से जुड़े विवाद के हिंसक रूप लेने का भी हवाला दिया है। उन्होंने प्रशासन से समय रहते मामले की निष्पक्ष जांच कराने और विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि भूमि और मकान से जुड़े विवाद यदि समय रहते राजस्व स्तर पर स्पष्ट नहीं किए गए तो भविष्य में विवाद और बढ़ सकता है। UP News
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि स्वामित्व योजना के तहत तैयार घरोनी में दर्ज विवरण और मौके की वास्तविक स्थिति में क्या अंतर है ?साथ ही पुराने पारिवारिक बंटवारे से जुड़े दस्तावेज, राजस्व अभिलेख, कब्जे की स्थिति तथा सर्वे के दौरान तैयार रिकॉर्ड की जांच से ही विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अभिलेखों में यदि कोई त्रुटि या अनियमितता है तो नियमानुसार उसका समाधान कराने की मांग की है। UP News
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