इटावा में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आदित्य उर्फ सोनू शर्मा को 20 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।

UP News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राखी चौहान की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आदित्य उर्फ सोनू शर्मा को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी ने मामले की पैरवी की। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष ने गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोष सिद्ध होने पर सजा सुनाई।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, मामला इटावा के कोतवाली सदर क्षेत्र के एक मोहल्ले का है। पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया था कि एटा निवासी एक युवक उनके संपर्क में आया था। उसने पड़ोस में किराये का मकान दिलाने की बात कही, जिसके बाद उसे मकान दिला दिया गया। कुछ दिन बाद आरोप था कि उक्त युवक पीड़ित की 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। परिवार की ओर से किशोरी के गायब होने की जानकारी पुलिस को दी गई और मामले में कार्रवाई शुरू हुई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आदित्य उर्फ सोनू शर्मा और देव शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद किया और आरोपी आदित्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने किशोरी के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की। जांच में देव शर्मा की नामजदगी गलत पाए जाने के बाद उसके खिलाफ आरोप आगे नहीं बढ़ाए गए। इसके बाद पुलिस ने आदित्य उर्फ सोनू शर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी ने पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी आदित्य उर्फ सोनू शर्मा को दोषी माना। दोष सिद्ध होने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राखी चौहान की अदालत ने आदित्य उर्फ सोनू शर्मा को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अदालत के आदेश के मुताबिक जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अदालत के फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने इसे किशोरियों से जुड़े अपराधों में न्यायिक कार्रवाई के तौर पर महत्वपूर्ण बताया। UP News:
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