इटावा सफारी पार्क की रेस्क्यू टीम ने गंगा विहार कॉलोनी से छोटी सीटी बत्तख के 8 चूजों समेत 10 पक्षियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। घायल वन्यजीवों का भी उपचार जारी है।

UP News: उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क में वन्यजीवों और पक्षियों की सुरक्षा को लेकर रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घायल वन्यजीवों के उपचार से लेकर संकट में फंसे पक्षियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए सफारी पार्क की रेस्क्यू टीम सक्रियता से काम कर रही है। इसी क्रम में गंगा विहार कॉलोनी से मिली सूचना के बाद टीम ने छोटी सीटी बत्तख के आठ चूजों समेत एक वयस्क नर और एक वयस्क मादा, कुल 10 पक्षियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
बताया गया कि गंगा विहार कॉलोनी निवासी सुनीता यादव, जो गौरैया संरक्षण के कार्य में भी योगदान देती हैं, ने पक्षियों के संकट में होने की जानकारी इटावा सफारी पार्क को दी। सूचना मिलते ही वनरक्षक आकाश बाबू के साथ सफारी पार्क के कर्मचारी आशीष और आदर्श मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने काफी सावधानी और सूझबूझ के साथ अभियान चलाया। टीम ने आठ चूजों के साथ वयस्क नर और मादा पक्षी को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद सभी 10 पक्षियों को इटावा सफारी पार्क लाया गया और सुरक्षित रूप से रिलीज कर दिया गया।UP News:
इटावा सफारी पार्क में केवल पक्षियों के संरक्षण पर ही नहीं, बल्कि घायल वन्यजीवों की देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सफारी पार्क के वन्यजीव चिकित्सालय में गंभीर रूप से घायल तेंदुओं का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा नियोनेटल सेंटर में दो लेपर्ड शावकों की हैंड रेयरिंग की जा रही है। वहीं पैर में समस्या से जूझ रहे नीलगाय के बच्चे की भी विशेषज्ञों की निगरानी में देखभाल की जा रही है।
इटावा सफारी पार्क की विभिन्न वॉटर बॉडीज में छोटी सीटी बत्तखें अक्सर अपने चूजों के साथ नजर आती हैं। इन पक्षियों की मौजूदगी सफारी पार्क की जैव विविधता को भी दर्शाती है।
इसके साथ ही सफारी पार्क में बड़ी संख्या में मौजूद राष्ट्रीय पक्षी मोर भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों से घायल और संकट में फंसे वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी पक्षी या वन्यजीव के संकट में होने पर स्वयं उसे पकड़ने के बजाय संबंधित वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित है। UP News:
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