धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले सावधान हो जाएं। ग्रेटर नोएडा, नोएडा और बरेली में नकली सोने और फर्जी हॉलमार्क से ठगी के मामले सामने आए। जानिए असली सोने की पहचान कैसे करें।

UP News : दीपावली का त्योहार हो और धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी की बात न हो, ऐसा संभव नहीं है। भारतीय परंपरा में धनतेरस को सोना, चांदी और आभूषण खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपनी मेहनत की कमाई से सोने के सिक्के, बिस्किट, चेन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, हार और हीरे जड़ित आभूषण खरीदते हैं। कई परिवार तो पूरे साल धनतेरस के लिए पैसे बचाकर रखते हैं। लेकिन जरा सोचिए, जिस सोने को आप अपनी जीवनभर की पूंजी समझकर खरीद रहे हैं, वह असली होने के बजाय नकली निकले तो क्या होगा? आपकी मेहनत की कमाई एक झटके में डूब सकती है। बाजार में नकली सोने और नकली हॉलमार्क के जरिए ठगी करने वाले गिरोहों के मामले सामने आने के बाद उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में 21 किलो नकली सोना पकड़े जाने का दावा किया जा रहा है। यह खबर अपने आप में लोगों को सतर्क करने वाली है। हालांकि, इस वीडियो से संबंधित स्थान, तारीख और बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बरेली सहित अलग-अलग जिलों में नकली सोने के नाम पर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में कहीं नकली सोने की ज्वेलरी असली बताकर बेची गई तो कहीं नकली सोना दिखाकर लोगों के असली गहने और नकदी हड़प ली गई। 14 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली सोना दिखाकर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से पीली धातु के मोतियों के दो गुच्छे और सिक्के बरामद हुए थे। इनका कुल वजन 8 किलो 562 ग्राम बताया गया था। इसके अलावा तीन लाख रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, नौ मोबाइल बैटरियां और एक अवैध चाकू भी बरामद किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को नकली सोना असली बताकर अपने जाल में फंसाते थे। वे कागजों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर उसे रुपयों से भरी गड्डी बताते थे। इसके बाद लोगों को लालच देकर उनकी असली ज्वेलरी और नकदी लेकर फरार हो जाते थे। UP News :
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सितंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र में नकली सोने के बिस्किट और आभूषण बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया था। इस मामले में एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उसने एक ज्वेलरी दुकानदार से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कीमत के सोने के बिस्किट और हार खरीदे थे। दुकानदार ने इन्हें 24 कैरेट का सोना बताया था। बाद में जांच कराने पर आभूषण और बिस्किट नकली निकले। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार किया था। जांच में नकली ज्वेलरी और अन्य सामान भी बरामद किया गया था। UP News :
2 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के बरेली से भी नकली सोने के जरिए बड़ी ठगी का मामला सामने आया था। किला थाना क्षेत्र में एक सर्राफा व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने 190 ग्राम वजन के 19 नकली सोने के पेंडल देकर व्यापारी से 20 लाख रुपये नकद और चांदी तथा सोने के आभूषण ठग लिए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले असली सोने के पेंडल देकर सर्राफा व्यापारी का विश्वास जीतते थे। जब व्यापारी को उन पर भरोसा हो गया तो उन्होंने सोने की परत चढ़े नकली पेंडल देकर बड़ी रकम हड़प ली। यह मामला बताता है कि ठगी करने वाले केवल आम ग्राहकों को ही नहीं, बल्कि अनुभवी सर्राफा कारोबारियों को भी निशाना बना सकते हैं।
जनवरी 2026 में ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी हॉलमार्क वाली ज्वेलरी के जरिए धोखाधड़ी करने के आरोप में एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया था। गौतमबुद्धनगर पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से पीली धातु के चार बैंगल मिले थे, जिन पर फर्जी हॉलमार्क अंकित थे। पुलिस ने इनके पास से 1,32,230 रुपये नकद और एक कार भी बरामद की थी। इस मामले से साफ होता है कि केवल आभूषण पर हॉलमार्क जैसा निशान देखकर उसकी शुद्धता पर भरोसा करना भी जोखिम भरा हो सकता है। उसकी आधिकारिक जांच करना जरूरी है। UP News :
नकली सोने के कारोबार में ठग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कुछ मामलों में सोने जैसी दिखने वाली दूसरी धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है। उन पर सोने की परत चढ़ाकर उन्हें असली सोने जैसा रूप दे दिया जाता है। कई बार नकली आभूषणों पर 22 कैरेट या 24 कैरेट जैसी मुहर लगा दी जाती है। कुछ मामलों में असली हॉलमार्क की नकल करके फर्जी निशान बनाए जाते हैं। नकली सोने के बिस्किट, सिक्के और ईंटें भी असली सोना बताकर बेची जा सकती हैं। कुछ ठग ग्रामीण इलाकों और बाजारों में सस्ते सोने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इस तरह की धोखाधड़ी में सबसे बड़ा हथियार लोगों का भरोसा और कम कीमत पर ज्यादा सोना मिलने का लालच होता है।
धनतेरस और दीपावली के अवसर पर यदि आप सोने या हीरे के आभूषण खरीदने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।
1. BIS हॉलमार्क जरूर देखें
सोने के हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदते समय BIS का आधिकारिक हॉलमार्क और उसकी पहचान की जांच करें। केवल दुकान की बातों पर भरोसा न करें।
2. HUID नंबर की जांच करें
हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण पर छह अंकों का HUID नंबर होता है। खरीदारी से पहले BIS Care App डाउनलोड करके उसके Verify HUID विकल्प से इस नंबर की जांच करें। इससे आभूषण की हॉलमार्क संबंधी जानकारी और उसकी पहचान का सत्यापन किया जा सकता है।
3. पक्का बिल जरूर लें
सोना खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल लें। बिल में सोने का वजन, कैरेट, शुद्धता, प्रति ग्राम कीमत, मेकिंग चार्ज और अन्य लागू शुल्क स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए।
4. जरूरत से ज्यादा सस्ते सोने के लालच में न आएं
यदि कोई दुकानदार बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर 22 या 24 कैरेट सोना बेचने का दावा करता है तो सावधान हो जाएं। असामान्य रूप से सस्ता सोना ठगी का संकेत हो सकता है।
5. संदेह होने पर सोने की जांच कराएं
यदि खरीदे गए सोने की शुद्धता पर संदेह है तो BIS द्वारा मान्यता प्राप्त Assaying and Hallmarking Centre में उसकी जांच कराई जा सकती है। जांच के बाद केंद्र रिपोर्ट भी जारी करता है।
यदि किसी ग्राहक को पता चलता है कि उसने असली सोना समझकर नकली आभूषण खरीद लिया है तो उसे तुरंत संबंधित दुकानदार के खिलाफ शिकायत करनी चाहिए।
BIS के नियमों के अनुसार यदि हॉलमार्क वाले आभूषण की शुद्धता उस पर अंकित शुद्धता से कम पाई जाती है तो निर्धारित नियमों और गणना के अनुसार ग्राहक को शुद्धता में कमी के मूल्य का दो गुना मुआवजा तथा जांच शुल्क पाने का अधिकार हो सकता है।
केवल सोना ही नहीं, हीरे के आभूषण खरीदने वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। हीरे की गुणवत्ता, प्राकृतिक या प्रयोगशाला में निर्मित होने की जानकारी, वजन और प्रमाणपत्र की जांच किए बिना महंगे आभूषण न खरीदें। हीरे की खरीदारी के समय प्रतिष्ठित विक्रेता से विस्तृत बिल और मान्य जेमोलॉजिकल लैब की ग्रेडिंग रिपोर्ट मांगें। केवल चमक देखकर हीरे की असलियत और कीमत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
धनतेरस और दीपावली का त्योहार परिवारों के लिए खुशियों, समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर लोग अपनी वर्षों की बचत से सोना खरीदते हैं। लेकिन नकली सोने और फर्जी हॉलमार्क के जरिए होने वाली ठगी इस खुशी को परेशानी में बदल सकती है। ग्रेटर नोएडा, नोएडा और बरेली में सामने आए मामले यह चेतावनी देते हैं कि सोना खरीदते समय सिर्फ दुकानदार की प्रतिष्ठा या आभूषण की चमक पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। उसकी शुद्धता और पहचान की जांच करना भी उतना ही जरूरी है। UP News :
इसलिए इस धनतेरस पर सोना जरूर खरीदिए, लेकिन पूरी सावधानी के साथ। आपकी मेहनत की कमाई का एक-एक रुपया कीमती है। खरीदारी से पहले हॉलमार्क, HUID और पक्का बिल जरूर जांचिए। इस जानकारी को अपने परिवार, मित्रों और परिचितों तक भी पहुंचाइए, ताकि कोई भी व्यक्ति नकली सोने के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई न गंवाए।
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