उत्तर प्रदेश में गैस संकट के बीच भट्ठियों और इंडक्शन की कीमतें बढ़ीं

एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, भट्ठियों और इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है।

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एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 04:19 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, भट्ठियों और इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 500 का भट्ठी अब 3,500 में बिक रहा है। यह वृद्धि खास तौर पर होटल और ढाबा संचालकों को प्रभावित कर रही है, जो बड़ी संख्या में भट्ठियों पर निर्भर हैं। कई दुकानदार बुकिंग कराने के बाद भी ग्राहकों को 7-8 दिन तक इंतजार करने के लिए कह रहे हैं।

इंडक्शन चूल्हों की मांग में तेजी

गैस की कमी के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की ओर बढ़ रहे हैं। दुकानदार मांग का फायदा उठाकर इन्हें तय कीमत से ज्यादा में बेच रहे हैं। कई स्थानों पर इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक भी समाप्त हो चुका है, जिससे ग्राहकों को 2-3 दिन बाद डिलीवरी मिल रही है। वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति में व्यवधान, खासकर इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष, ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इसके असर से देश में गैस और पेट्रोल जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में कमी देखने को मिल सकती है।

सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र

शादियों और बड़े आयोजनों में गैस सिलेंडर की सबसे ज्यादा कमी। होटल, ढाबा और हॉस्टल में खाना बनाने में समस्या। मंदिरों में प्रसाद के लिए थोड़ी राहत, लेकिन यह केवल संक्षिप्त समय के लिए है। गैस की किल्लत ने लोगों को वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए मजबूर किया है, लेकिन इसी के कारण भट्ठियों और इंडक्शन की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। आम जनता, व्यापारिक संस्थान और आयोजकों के लिए यह संकट दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है।



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अखिलेश स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिले, बोले- हम असली संत से आशीर्वाद लेने आए

अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (शंकराचार्य) से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बयान दिया कि हम असली संत से आशीर्वाद लेने आए हैं, क्योंकि असली संतों से मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है।

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अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (शंकराचार्य) से मुलाकात की
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 03:36 PM
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UP News: अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (शंकराचार्य) से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बयान दिया कि हम असली संत से आशीर्वाद लेने आए हैं, क्योंकि असली संतों से मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हर अच्छी चीज का विरोध करती है।

गाय और डेयरी पर क्या कहा?

अखिलेश यादव ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो उन्होंने डेयरी परियोजनाएँ बनवाई थीं ताकि गरीबों को फायदा मिले

और गायों की बेहतर देखभाल की जा सके। लेकिन उनके अनुसार भाजपा ने ऐसी योजनाओं का भी विरोध किया। और इसीलिए एक सच्चे संत ने इनकी कलई खोलकर रख दी है। ये भाजपा वाले सच्चे मायने में गौ माता के ही विरोधी हैं।

राजनीतिक संदर्भ

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हाल के समय में कई राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर बयान देते रहे हैं। उनकी मुलाकातें अक्सर राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाती हैं, खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में। यह मुलाकात धार्मिक आशीर्वाद के नाम पर हुई, लेकिन इसके बाद दिए गए बयान से यह राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है, खासकर भाजपा और नकली संत वाली टिप्पणी को लेकर।



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उत्तर प्रदेश में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय

उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

model school
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 02:22 PM
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UP News : योगी सरकार उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक) के निर्माण के लिए शासकीय एवं वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं।

कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के होंगे निर्माण

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद, बहराइच, चंदौली, मिजार्पुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, कौशांबी, फर्रुखाबाद, अमेठी तथा उन्नाव सहित कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए शासनादेश जारी किए गए हैं। इन विद्यालयों के निर्माण पर प्रत्येक परियोजना के लिए लगभग 23 से 28 करोड़ रुपये तक की लागत स्वीकृत की गई है और प्रथम किश्त के रूप में संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि भी जारी कर दी गई है।

एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक आधुनिक शिक्षण सुविधाएं होंगी उपलब्ध 

मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान 

इन विद्यालयों का निर्माण विभिन्न नामित कार्यदायी संस्थाओं जैसे उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कंसल्टेंसी एंड डिजाइन सर्विसेज (उ.प्र. जल निगम), उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम तथा आवास एवं विकास परिषद के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता, मानकों और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

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