सहारनपुर की इस बेटी ने 400 मीटर में कांस्य और 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। जानिए किसान परिवार की इस बेटी की एशियन गेम्स की पूरी कहानी, दो पदकों की उपलब्धि, DSP बनने के सपने और उनके अगले लक्ष्य से जुड़ी खास बातें।

UP News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की बेटी और अंतरराष्ट्रीय एथलीट प्राची चौधरी ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर प्राची चौधरी दो पदक अपने नाम करने के बाद आज सहारनपुर लौटीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजनों और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान परिवार के लोगों ने खुशी में प्राची को कंधों पर बैठाकर अपनी खुशी जाहिर की। UP News
जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने भी उनका अभिनंदन किया।प्राची चौधरी ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो पदक जीते। महिलाओं की 400 मीटर व्यक्तिगत दौड़ में प्राची ने 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। इसके बाद महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस टीम में प्राची चौधरी के साथ किरण पहल, एमआर पूवम्मा और विथ्या रामराज शामिल रहीं। गोल्ड मेडल जीतकर सहारनपुर पहुंचीं प्राची चौधरी ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब वह गई थीं, तब उन्होंने कहा था कि अगली बार एशियन गेम्स में जाकर गोल्ड मेडल लेकर लौटेंगी। उस समय उन्हें लोगों से खूब आशीर्वाद और मोटिवेशन मिला था। प्राची ने कहा कि भगवान की कृपा और सभी के आशीर्वाद से आज उनके पास गोल्ड मेडल है और वह इसके लिए सभी का धन्यवाद करती हैं।प्राची चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को डीएसपी पद दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वह पहले से ही अपनी वर्दी सिलवाकर गई थीं और अब लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर वर्दी पहनने की इच्छा है। UP News
प्राची चौधरी ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य अगले वर्ष होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी कड़ी मेहनत जारी रखेंगी और देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी।युवाओं और खासकर बेटियों को संदेश देते हुए प्राची चौधरी ने कहा कि माता-पिता को अपनी बेटियों को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर परिवार लड़कियों को प्रोत्साहित करे, तो वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं। UP News
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