उत्तर प्रदेश के किसान हुए खुश, किसानों को रौंदने वाला अजय मिश्रा टेनी हार की तरफ बढ़ा
UP News
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:11 AM
UP News : उत्तर प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी सीट से भाजपा प्रत्याशी अजय मिश्रा टेनी चुनाव हारते हुए नजर आ रहे हैं। अजय मिश्रा टेनी की हार को देखकर उत्तर प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी सीट से हार के कगार पर पहुंचने वाले अजय मिश्रा टेनी वही व्यक्ति हैं जिसके ऊपर किसानों को अपनी गाडी से कुचलकर मारने का आरोप है। आपको बता देते हैं कि उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी सीट पर पूरे देश के किसानों की निगाह टिकी हुई है। यह समाचार लिखे जाने तक लखीमपुर खीरी सीट से भाजपा प्रत्याषी अजय मिश्रा टेनी 11 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं।
UP News
हार रहे हैं अजय मिश्रा टेनी
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी लोकसभा सीट पर गिनती शुरू होने के साथ ही बीजेपी पीछे चल रही है। गिनती शुरू होने के करीब 4 घंटे बाद भी बीजेपी प्रत्याशी अजय मिश्र टेनी बढ़त नहीं बना पाए हैं। यहां से सपा के प्रत्याशी करीब 11 हजार मतों से आगे चल रहे हैं। खीरी लोकसभा सीट पर इस बार 64.73 प्रतिशत मतदान हुआ है। यह वोंटिग प्रतिशत पिछले चुनाव से ज्यादा है।
UP News
2019 में यहां सिर्फ 64.19 प्रतिशत वोट पड़े थे। 2019 लोकसभा चुनाव में खीरी सीट से बीजेपी प्रत्याशी अजय मिश्र टेनी ने जीत हासिल करते हुए 6,09,589 वोट अर्जित किए. सपा प्रत्याशी डॉ पूर्वी वर्मा 3,90,782 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे और कांग्रेस के जफर अली नकवी 92,155 वोट पाकर तीसरे स्थान पर थे। वहीं सीपीई प्रत्याशी विपनेश शुक्ला 11,857 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे। खीरी लोकसभा सीट पर 64 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था।
लखीमपुर खीरी लोकसभा सीट का इतिहास
आजादी के बाद लखीमपुर खीरी संसदीय सीट पर 1957 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें सोशलिस्ट पार्टी ने जीत दर्ज की। लेकिन शुरुआती हार के बाद कांग्रेस ने वापसी करते हुए 1962 से 1971 तक इसे अपने कब्जे में रखा. यहां कांग्रेस का राज रहा। आपातकाल के बाद 1977 में जब चुनाव हुए तो कांग्रेस को यहां नुकसान उठाना पड़ा और भारतीय लोकदल ने यहां पर जीत दर्ज की थी। 3 साल बाद 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने यहां जबरदस्त वापसी की थी। 1980, 1984, 1989 में कांग्रेस ने बड़े अतंर से जीत हासिल की थी. हालांकि 1990 के दौर में चले मंदिर आंदोलन की वजह से भारतीय जनता पार्टी को यूपी में राजनीतिक फायदा भी मिला और 1991 और 1996 में वह यहां से चुनाव जीत गई। UP News