पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और विभिन्न किसान व जनसमस्याओं को लेकर धरना दिया। किसानों ने धान खरीद समय से शुरू न होने, नमी मापन यंत्र में कथित हेरफेर और आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

UP News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने समय से धान खरीद शुरू न होने तथा नमी मापन यंत्र में कथित हेरफेर कर किसानों को परेशान किए जाने का आरोप लगाया। संगठन ने आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए प्रभावी संरक्षण व्यवस्था किए जाने की भी मांग उठाई। जिलाध्यक्ष गुरदीप गोगी की ओर से प्रशासन को सौंपे गए मांगपत्र में किसान समस्याओं के साथ कई जनहित के मुद्दे शामिल किए गए।
किसान यूनियन ने एलएच शुगर फैक्टरी से नदी में कथित रूप से गंदा पानी छोड़े जाने का मुद्दा उठाया। संगठन का कहना है कि बिना समुचित ट्रीटमेंट के पानी छोड़े जाने से दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या पैदा हो रही है। इससे पशुओं के बीमार होने की शिकायत भी सामने आई है। यूनियन ने मिल के पानी का उचित शोधन कराने की मांग की। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी पदाधिकारियों ने सवाल उठाए। अस्पताल में बाहर की दवाएं लिखे जाने पर रोक लगाने और मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं से ऑपरेशन के नाम पर कथित वसूली की जांच कराने की मांग भी रखी गई।
बिलसंडा ब्लॉक में आवास योजना को लेकर भी किसान यूनियन ने शिकायतें उठाईं। संगठन ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर योजना की जांच कराने तथा अपात्र लाभार्थियों से धनराशि की रिकवरी किए जाने की मांग की। बिजली व्यवस्था को लेकर यूनियन ने चार किलोवाट के कनेक्शनों को पांच किलोवाट किए जाने की शिकायत की। किसानों ने लोड को पूर्ववत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
किसान नेताओं ने आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने तथा उनके कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। इसके साथ ही मिलावटी दूध, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी गई। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और आम लोगों से जुड़े इन मुद्दों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। UP News :
विज्ञापन