
UP News : उत्तर प्रदेश में कानून के हाथ अब सिर्फ लंबे नहीं, सख्त भी हो चुके हैं। बीते 24 घंटों में यूपी पुलिस ने जो किया, वो न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आमजन के लिए राहत की खबर भी है। 10 मुठभेड़, 8 शहर और दर्जनों कुख्यात अपराधी या तो अस्पताल में हैं या सलाखों के पीछे। बता दें कि यह सिलसिला अचानक नहीं शुरू हुआ। यूपी पुलिस लंबे समय से अपराध पर शिकंजा कसने की तैयारी में थी, और अब लग रहा है जैसे उसने अपने 'फुल एक्शन मोड' में प्रवेश कर लिया हो।
राज्य की राजधानी लखनऊ से लेकर जालौन और बलिया तक, अपराधियों को अब पुलिस का नाम सुनकर पसीना आने लगा है।
लखनऊ में रेप के आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
गाजियाबाद में एक सिपाही की हत्या के आरोपी को गोली लगी और वो दबोच लिया गया।
शामली में गो-तस्कर पुलिस के जाल में फंसा।
झांसी में इनामी बदमाश को पुलिस की गोली लगी।
बुलंदशहर में भी रेप का आरोपी मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।
बागपत में लूट का आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे।
बलिया में एक फरार अपराधी को पुलिस ने गोली मारकर गिरफ्तार किया।
आगरा में चोरी के एक मामले में आरोपी घायल हुआ।
जालौन में डकैती के आरोपी से आमना-सामना हुआ।
उन्नाव में एक हिस्ट्रीशीटर से पुलिस की मुठभेड़ हुई।
यूपी पुलिस का चर्चित ऑपरेशन ‘लंगड़ा’ अब अपराध की दुनिया में खौफ का पर्याय बन गया है। इस अभियान के तहत, भागने या जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश में अपराधियों को पुलिस उनके पैरों में गोली मार देती है। इसका उद्देश्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराधियों को शारीरिक रूप से इस कदर असमर्थ कर देना है कि वे दोबारा अपराध करने की हालत में न रहें। हालांकि इस रणनीति पर नैतिक बहस भी होती रही है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इसके बाद कई नामी हिस्ट्रीशीटर अपराध छोड़कर सामान्य जीवन की राह पकड़ चुके हैं। UP News