चित्रकूट में NPK की बोरियों में SSP खाद भरने की कथित गतिविधि का खुलासा हुआ है। प्रशासन की संयुक्त टीम ने गोदाम सीज कर करीब 50 बोरी खाद जब्त की और पांच नमूने जांच के लिए भेजे।

UP News: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में किसानों को NPK खाद के नाम पर दूसरी खाद बेचने की कथित तैयारी का मामला सामने आया है। बुधवार रात करीब 10:30 बजे तहसील प्रशासन, कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने खाद की रीपैकिंग और मिलावट की सूचना पर एक गोदाम में छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, गोदाम में सस्ती सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) को NPK की नई बोरियों में भरकर पैक किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 50 बोरी खाद समेत गोदाम को सीज कर दिया गया। टीम ने पांच संदिग्ध नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
तहसीलदार मऊ रामकृष्ण को फोन पर मिली सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने गोदाम में छापेमारी की। जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा के अनुसार, मौके पर जमीन पर खाद का खुला ढेर मिला। इसके अलावा NPK के नाम से छह से सात सिली हुई बोरियां भी बरामद की गईं। अधिकारियों को गोदाम से पुष्कर सिंगल सुपर फॉस्फेट की करीब 40 बोरियां और आठ से दस अन्य सादी बोरियां मिलीं। इन सभी को मिलाकर लगभग 50 बोरियां सीज की गईं।
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छापेमारी के दौरान गोदाम में रखा यूरिया और DAP का स्टॉक भी सीज किया गया। इसके अलावा पुष्कर SSP की करीब 12 खाली बोरियां और DAP की 10 से 15 खाली बोरियां बरामद हुईं। कृषि विभाग की टीम ने मौके से पांच संदिग्ध नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को खाद की गुणवत्ता और वास्तविक संरचना की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कथित मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद महेंद्र कुमार पुत्र रामबदन के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों ने लाइसेंसधारक के खिलाफ भी तहरीर दी है। कृषि विभाग के मुताबिक, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद की गुणवत्ता और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोदाम पर कार्रवाई के दौरान जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा, नायब तहसीलदार अखिल पांडेय, वरिष्ठ सहायक यलेन्द्र कुमार और प्रधान सहायक गुलाब सिंह मौजूद रहे। बरगढ़ थाने के उपनिरीक्षक चंद्रमौल शर्मा पुलिस टीम के साथ छापेमारी में शामिल थे। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद खाद की बिक्री और भंडारण से जुड़े मामले की जांच शुरू हो गई है। फिलहाल नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है।
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