FIITJEE केस में ED ने कंपनी और निदेशकों के खिलाफ गाजियाबाद की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की। छात्रों की फीस के कथित दुरुपयोग और 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों से जुड़े मामले में जानिए पूरा अपडेट।

UP News : उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थान FIITJEE से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कंपनी और उसके निदेशकों दिनेश कुमार गोयल तथा मोनिला गोयल के खिलाफ गाजियाबाद की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। जांच छात्रों से वसूली गई फीस के कथित दुरुपयोग से जुड़ी है। ईडी ने मामले में करीब 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है। इस प्रकरण में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और भोपाल में दर्ज मामलों की भी जांच की गई है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने FIITJEE लिमिटेड और उसके निदेशकों दिनेश कुमार गोयल तथा मोनिला गोयल के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह शिकायत गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में प्रस्तुत की गई है। ED की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। इसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा से जुड़े मामलों के साथ भोपाल में दर्ज शिकायत को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया। UP News
ED के अनुसार, FIITJEE के कोचिंग कार्यक्रमों में दाखिले के लिए छात्रों से अग्रिम फीस ली गई थी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि करीब 85.79 करोड़ रुपये की फीस के इस्तेमाल में वित्तीय अनियमितताएं हुईं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि छात्रों से प्राप्त रकम का कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया। एजेंसी का दावा है कि कोचिंग सेंटर बंद होने से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए। ईडी के मुताबिक, मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच FIITJEE के 32 कोचिंग सेंटर बंद हो गए, जिससे 14,411 छात्र प्रभावित हुए। हालांकि, फीस से संबंधित आरोपों और वित्तीय लेन-देन पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। UP News
ED ने अप्रैल 2025 में मामले की जांच के तहत सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी के अनुसार, इस दौरान 10 लाख रुपये नकद और करीब 4.86 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण जब्त किए गए। इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को ईडी ने लगभग 66.92 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया। एजेंसी ने जब्त नकदी, आभूषण और अटैच संपत्तियों को मिलाकर कुल 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है। यहां यह समझना जरूरी है कि संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच करना और अदालत के आदेश से उन्हें अंतिम रूप से जब्त करना अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। UP News
FIITJEE प्रकरण में उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दर्ज प्राथमिकी भी जांच का हिस्सा हैं। इसके अलावा भोपाल में दर्ज शिकायत को भी ED ने अपने जांच दायरे में शामिल किया। गाजियाबाद की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल होने के बाद अब मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। ED ने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। UP News
कोचिंग सेंटर बंद होने और फीस के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले में प्रभावित छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, ED की ओर से अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है और संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई है। अदालत में शिकायत दाखिल होना अपने आप में आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपियों की जिम्मेदारी और संपत्तियों की अंतिम जब्ती पर फैसला न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा। UP News
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