वाराणसी के पैगंबरपुर में पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट के मामले में मुख्य आरोपी राजू खान गिरफ्तार। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी। घटना में पत्नी और दो बच्चे घायल हुए थे। जानिए सरायमोहना घाट पर गिरफ्तारी के दौरान क्या हुआ और पुलिस ने क्या बरामद किया।

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अवैध रूप से पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी राजू खान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। मौके से अवैध तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस विस्फोट में आरोपी की पत्नी चांदनी और दो बच्चे आदिल व अरबिया घायल हुए थे।
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पुलिस के मुताबिक, सारनाथ थाना क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान सरायमोहना घाट के पास झाड़ियों में छिपे राजू खान ने अचानक बाहर निकलकर पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस का कहना है कि गोली उपनिरीक्षक अमरजीत कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट के किनारे को छूते हुए निकल गई। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें राजू खान के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से अवैध तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद होने की जानकारी दी गई है। फिलहाल आरोपी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। Uttar Pradesh News:
यह मामला सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर का है। पुलिस के अनुसार, राजू खान एक मकान में पटाखे बनाने का काम कर रहा था। इसी दौरान गुरुवार शाम करीब पांच बजे मकान में विस्फोट हो गया। घटना में आदिल (12), चांदनी (39) और अरबिया (10) घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विस्फोट के बाद राजू खान और उसकी मां मुन्नी खान मकान के पिछले दरवाजे से फरार हो गए थे। आरोप यह भी है कि घटना को सिलेंडर ब्लास्ट बताने की कोशिश की गई। हालांकि, इस दावे और विस्फोट के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
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बताया जाता है कि राजू खान का परिवार पहले सरैया इलाके में रहता था। वहां भी पटाखे बनाने के दौरान विस्फोट हुआ था, जिसमें उसके पिता मतीउल्लाह खान की मौत हो गई थी। इस पुराने हादसे के बाद अब पैगंबरपुर में हुई घटना ने अवैध रूप से पटाखे बनाने और उनके भंडारण की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस के अनुसार, पैगंबरपुर में विस्फोट के बाद राजू खान फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस का दावा है कि वह शहर से बाहर भागने की कोशिश में था। इसी दौरान सरायमोहना घाट के पास उसका पुलिस से सामना हुआ और मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी अस्पताल में भर्ती है और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच में विस्फोट के कारणों, पटाखे बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही सामग्री और इस काम से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। Uttar Pradesh News:
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