बिजनौर के शेरकोट थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में पटाखा फैक्ट्री के अवशेष में हुए ब्लास्ट ने दर्दनाक मोड़ ले लिया है। 20 सितंबर को बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास पड़े आतिशबाजी के अवशेष में अचानक विस्फोट होने से दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए थे।

UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री के अवशेष में हुए विस्फोट ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। वाजिदपुर गांव में 20 सितंबर को हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे दो सगे भाइयों में से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरे बच्चे की हालत भी गंभीर बताई जा रही है और उसका अस्पताल में उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, वाजिदपुर गांव में एक बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास आतिशबाजी का अवशेष पड़ा था। इसी दौरान जंगल से पशुओं के लिए चारा लेकर लौट रहे दो सगे भाई इसकी चपेट में आ गए। अवशेष में अचानक विस्फोट होने के बाद दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। शुरुआती उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि घटनास्थल के पास पटाखा फैक्ट्री से जुड़ा वेस्ट मैटेरियल पड़ा था। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया था और विस्फोट के कारणों की जांच शुरू की गई थी।
विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे दोनों भाइयों को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। कई दिनों तक उपचार चलने के बाद छोटे बच्चे की मौत हो गई। मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दूसरे घायल बच्चे की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पटाखा फैक्ट्री से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। फैक्ट्री संचालक मुकेश को गिरफ्तार कर चालान किया गया है, जबकि मामले में नामजद दो अन्य आरोपी पहले से जेल में बताए गए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पटाखा निर्माण से जुड़े अवशेष को बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास फेंका गया था। अब जांच का अहम बिंदु यही है कि यह विस्फोटक अवशेष वहां कैसे पहुंचा और इसके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। UP News :
हादसे के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पटाखा फैक्ट्री और उसके अवशेषों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी और आने-जाने वाले रास्तों के आसपास इस तरह का खतरनाक कचरा नहीं होना चाहिए। अब एक बच्चे की मौत के बाद इस मामले में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की नजर है। जांच के आधार पर हादसे की जिम्मेदारी और पटाखा अवशेष के वहां पहुंचने की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। UP News :
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