बाराबंकी के दुर्गापुर में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्कूल परिसर जलमग्न है। 232 बच्चे पानी के बीच पढ़ने पहुंच रहे हैं। खराब हैंडपंप, जलभराव और नीची पुलिया से ग्रामीण परेशान हैं। हर साल बाढ़ की यही स्थिति बनती है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर ग्रामीण इलाकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। रामनगर तहसील के ग्राम पंचायत दुर्गापुर में बाढ़ का पानी कंपोजिट विद्यालय परिसर तक पहुंच गया है। विद्यालय के चारों तरफ पानी भरा होने के बावजूद 232 छात्र-छात्राएं पानी के बीच से होकर पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण बच्चों के साथ शिक्षकों को भी आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कंपोजिट विद्यालय दुर्गापुर में कुल 232 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुरेश चंद्र रावत के अनुसार इनमें 72 बच्चे प्राथमिक कक्षाओं के और 160 विद्यार्थी जूनियर कक्षाओं के हैं। विद्यालय में तेज सिंह वर्मा, अरुण कुमार पटेल, शिवकुमार, कुमुद पाठक, शिक्षामित्र राजित राम और अभिषेक शर्मा तैनात हैं। प्रधानाध्यापक के मुताबिक विद्यालय में हर वर्ष बाढ़ का पानी भर जाता है। विद्यालय को ऊंचा किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।बाढ़ के बीच विद्यालय में बच्चों के सामने पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल का हैंडपंप खराब पड़ा है। इसके कारण बच्चों को पीने के पानी की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के शौचालय के आसपास भी बाढ़ का पानी जमा है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी चुनौती बनी हुई है। प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में सफाई कर्मी की कमी को भी गंभीर समस्या बताया है। UP News :
प्रधानाध्यापक के अनुसार विद्यालय में तैनात एक सफाई कर्मी मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध है। इसके चलते स्कूल की नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विद्यालय में तत्काल सफाई कर्मी की आवश्यकता बताई गई है, ताकि जलभराव के बीच स्कूल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखी जा सके। दुर्गापुर गांव का मिनी सचिवालय भी बाढ़ के पानी की चपेट में है। गांव के डामर मार्ग पर कई जगह पानी का बहाव जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की पुलिया काफी नीची है, जिसके कारण बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। ग्रामीण लंबे समय से पुलिया को ऊंचा किए जाने की मांग कर रहे हैं। जलभराव के कारण गांव से बाहर आने-जाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है।
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी विद्यालय के आसपास बने घरों तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गांव से बाहर निकलना पड़ रहा है। रोजगार सेवक मनोज यादव ने बताया कि विद्यालय का खराब नल जल्द ठीक कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांव में हर वर्ष बाढ़ की स्थिति बनती है। हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या के बीच ग्रामीणों की मांग अब विद्यालय, पुलिया और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े स्थायी समाधान की ओर है। UP News :
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