
UP News : सरकारी अफसरों के भ्रष्टाचार के किस्से तो आपने खूब सुने होंगे। उत्तर प्रदेश के अफसरों का एक नया कारनामा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के सरकारी अधिकारी डेढ करोड़ रूपये मूल्य से भी अधिक का पशु चारा (भूसा) हजम कर गए हैं। यह चारा गऊशाला में रहने वाली गायों के नाम पर खरीदकर हजम कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश के इस चारा घोटाले ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाले की याद ताजा कर दी है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में छुट्टा मवेशियों की एक बड़ी समस्या है। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में छुट्टा पशु उत्तर प्रदेश के चुनाव का अहम मुद्दा बना था। छुट्टा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिला तथा तहसील स्तर पर गऊशाला खोलने के निर्देश दिए थे। सरकार की तरफ से खोली गई गऊशाला में रखे जाने वाले मवेशियों के लिए सरकारी स्तर पर चारा (भूसा) खरीदा जाता है। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कुछ सरकारी अफसरों ने चारा खरीदने के नाम पर एक करोड़ 62 लाख रूपये के फर्जी बिल बना कर "चारा" हजम कर लिया है। इस मामले का खुलासा एक सरकारी रिकार्ड में हुआ है।
आपको इस पूरे मामले की सिलसिलेवार जानकारी दे देते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में छुट्टा मवेशियों से किसानों को निजात दिलाने के लिए बनाई गईं अस्थायी गोशालाएं कुछ अफसरों के लिए चरागाह बना गई। इनमें भूसा खरीद के नाम पर एक करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक का गोलमाल सामने आया है। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने मामले की रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भेजी है। इस गोलमाल के लिए तत्कालीन खंड विकास अधिकारियों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया है। मामला वर्ष 2020-21 में भूसा खरीद के भुगतान से जुड़ा है।
अस्थायी गोशालाओं और वृहद गोशालाओं में रखे जाने वाले छुट्टा पशुओं के लिए भूसा खरीदा जाता है। गोशालाओं में बंद मवेशियों की संख्या के आधार पर भूसे की खपत तय होती है। भूसे का भुगतान करने से पहले संबंधित खंड विकास अधिकारी और पशु चिकित्सा अधिकारी संयुक्त रूप से पशुओं की संख्या समेत अन्य बिंदुओं का सत्यापन करते हैं। इसके बाद ही भुगतान होता है। वर्ष 2020-21 में भूसा खरीद पर खर्च किए गए बजट का ऑडिट उपनिदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने किया था। इसकी रिपोर्ट जारी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनपद में 40 गोशालाओं में भूसा खरीद के नाम पर 41 भुगतानों में अनियमितता पाई गई है। कुल एक करोड़ 62 लाख 36 हजार 672 रुपये के अनियमित भुगतान की पुष्टि हुई है
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में हुए चारा घोटाले ने बिहार में हुए चारा घोटाले की यादें ताजा कर दी हैं। उत्तर प्रदेश का यह चारा घोटाला चर्चा का विषय बन गया है।