पूरे महामंदिर परिसर को रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटों से सजाया गया है, जिसकी चमक दूर से ही भक्तों को अपनी ओर खींच लेती है। मंदिर की दिव्यता इस समय अपने चरम पर है और ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरा धाम आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा हो।

UP News : काशी के उमरहां स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में विहंगम योग के 102वें वार्षिकोत्सव का शुभारंभ बेहद भव्यता और आध्यात्मिक उल्लास के साथ होने जा रहा है। पूरे महामंदिर परिसर को रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटों से सजाया गया है, जिसकी चमक दूर से ही भक्तों को अपनी ओर खींच लेती है। मंदिर की दिव्यता इस समय अपने चरम पर है और ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरा धाम आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा हो।
वार्षिकोत्सव की पूर्व संध्या पर सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज द्वारा जय स्वर्वेद कथा का दिव्य पाठ आरंभ किया गया। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्वेद केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मूल आधार है, जो मानवता को सही दिशा और सार्थक उद्देश्य प्रदान करता है।
इतिहास का सबसे बड़ा हवन : 25,000 यज्ञकुंडआयोजन का सबसे प्रमुख आकर्षण है 25,000 वैदिक महायज्ञकुंडों में विश्व शांति के लिए सामूहिक आहुति देना। यह विशाल अनुष्ठान दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक वैदिक हवनों में से एक माना जा रहा है। बुधवार सुबह 8 बजे से भारत और दुनिया भर से आए लगभग डेढ़ लाख अनुयायी इसमें आहुतियाँ अर्पित करेंगे। माना जा रहा है कि सामूहिक मंत्रोच्चार और हवन की ऊर्जा से पूरा वातावरण निर्मल और पवित्र हो उठेगा। प्रत्येक शाम 5 बजे से सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज और संत प्रवर विज्ञान देव महाराज भक्तों को दिव्य वाणी से आलोकित करेंगे। मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आध्यात्मिक प्रस्तुतियों की भी मनोहारी श्रृंखला चलेगी, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति, संगीत और आनंद की रसधारा बहती रहेगी।
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