महिला सिपाही को उसकी शादी से ठीक पहले उठा ले गया ये बदमाश

आरोपी अंकित ढिकोली ने महिला सिपाही को जबरन अपने साथ उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ दो विशेष टीमें और एसओजी (स्पेशल आॅपरेशन ग्रुप) को भी आरोपी और पीड़िता की तलाश में लगाया गया है।

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शादी से ठीक पहले अपहरण
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar08 Feb 2026 03:37 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शनिवार रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब एक महिला सिपाही का उसकी शादी से ठीक पहले अपहरण कर लिया गया। बताया जा रहा है कि जिस घर में कुछ ही घंटों बाद शादी की खुशियां गूंजने वाली थीं, वहां अचानक अफरा-तफरी मच गई। पुलिस विभाग को तत्काल सूचना दी गई और पुलिस खोज-बीन में लगी हुई है।

महिला सिपाही को जबरन अपने साथ उठा ले गया

जानकारी के अनुसार, आरोपी अंकित ढिकोली ने महिला सिपाही को जबरन अपने साथ उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ दो विशेष टीमें और एसओजी (स्पेशल आपरेशन ग्रुप) को भी आरोपी और पीड़िता की तलाश में लगाया गया है।

सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही महिला सिपाही को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। यह नहीं पता चल रहा है कि महिला सिपाही भी इस बदमाश को प्यार करती थी इसलिए उसका अपहरण हुआ है या फिर अपहरण के पीछे कोई और ही कहानी है।


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उत्तर प्रदेश को मिलेगा पहला डिजिटल हाईवे, नेपाल से बनेगा सीधा रोड लिंक

उत्तर प्रदेश को जल्द ही पहला डिजिटल हाईवे मिलने वाला है, जो पूर्वी यूपी को नेपाल बॉर्डर से सीधे जोड़ देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न सिर्फ यातायात आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और किसानों की आमदनी को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

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पहला डिजिटल हाईवे जो पूर्वी यूपी को नेपाल बॉर्डर से सीधे जोड़ देगा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar08 Feb 2026 02:34 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश को जल्द ही पहला डिजिटल हाईवे मिलने वाला है, जो पूर्वी यूपी को नेपाल बॉर्डर से सीधे जोड़ देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न सिर्फ यातायात आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और किसानों की आमदनी को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

नेपाल तक मजबूत होगी सड़क कनेक्टिविटी

यह हाईटेक हाईवे 6 लेन का प्रस्तावित है, जिस पर करीब 27,927 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका उद्देश्य पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों को नेपाल से बेहतर सड़क संपर्क देना है। खासतौर पर श्रावस्ती और आसपास के जिलों को अंतरराष्ट्रीय मार्ग से जोड़ने के लिए इस योजना को तैयार किया गया है।

बाराबंकी से रुपईडीहा तक बनेगा कॉरिडोर

इस डिजिटल हाईवे का रूट बाराबंकी से शुरू होकर बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती से गुजरते हुए रुपईडीहा (नेपाल बॉर्डर) तक जाएगा। आगे यह सड़क नेपालगंज से भी जुड़ जाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय आवागमन और आसान हो जाएगा। हाईवे को 6 लेन में बदलने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक सर्वे के चार चरण पूरे हो चुके हैं। जिन किसानों की जमीन परियोजना में ली जाएगी, उन्हें सरकारी सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों और स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

मौजूदा समय में सड़क संकरी होने के कारण ट्रैफिक जाम और धीमी रफ्तार आम समस्या है। हाईवे के चौड़ा होने से यात्रा समय कम होगा। कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंचेंगे। नेपाल के साथ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पर्यटन को मिलेगा नया रास्ता

डिजिटल हाईवे के शुरू होने से दुधवा नेशनल पार्क, कटारनिया घाट और सोहेलवा वन क्षेत्र जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी। इससे पूर्वी यूपी में पर्यटन गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी। डिजिटल हाईवे पारंपरिक सड़कों से अलग होते हैं। इनमें आॅप्टिकल फाइबर केबल, इंटरनेट आॅफ थिंग्स, स्मार्ट ट्रैफिक और सेफ्टी सिस्टम, जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया का लक्ष्य है कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और स्मार्ट यात्रा अनुभव मिले।UP News


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25 साल का ब्रह्मचर्य, अग्नि परीक्षा और इंस्टाग्राम पोस्ट, साध्वी प्रेम बाईसा केस की कहानी

साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से ठीक पहले उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। इस पोस्ट में 25 वर्षों के ब्रह्मचर्य, चरित्र पर लगाए गए आरोपों और अग्नि परीक्षा जैसे शब्दों का जिक्र था। बाद में खुलासा हुआ कि यह पोस्ट खुद बाईसा ने नहीं लिखी थी, बल्कि उनके अकाउंट से किसी और ने डाली थी।

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साध्वी प्रेम बाईसा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar08 Feb 2026 01:51 PM
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Sadhvi Prem Baisa Case : राजस्थान के जोधपुर से जुड़ा साध्वी प्रेम बाईसा का मामला अब सिर्फ एक रहस्यमयी मौत नहीं रह गया है, बल्कि इसमें धार्मिक आस्था, सोशल मीडिया, परिवार के बयान और पुलिस जांच सब कुछ आपस में उलझ चुका है। साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से ठीक पहले उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। इस पोस्ट में 25 वर्षों के ब्रह्मचर्य, चरित्र पर लगाए गए आरोपों और अग्नि परीक्षा जैसे शब्दों का जिक्र था। बाद में खुलासा हुआ कि यह पोस्ट खुद बाईसा ने नहीं लिखी थी, बल्कि उनके अकाउंट से किसी और ने डाली थी।

किसने डाली पोस्ट और क्यों?

एक व्यक्ति, जो बाईसा के नजदीकी संपर्क में था, सामने आया और उसने बताया कि पोस्ट उसने खुद डाली थी। शब्द उसके अपने नहीं थे, उसे यह पोस्ट डालने के लिए परिवार की ओर से कहा गया था। यहीं से मामला और उलझ गया, क्योंकि इस पोस्ट के बाद ही आश्रम के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हुई, नारेबाजी हुई और पूरे मामले ने राजनीतिक व सामाजिक रंग ले लिया।

मौत से पहले क्या हुआ था?

परिवार का दावा है कि साध्वी प्रेम बाईसा को सिर्फ हल्की तबीयत खराब थी। डॉक्टर द्वारा एक इंजेक्शन दिया गया और उसके तुरंत बाद हालत बिगड़ गई। अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। यही इंजेक्शन अब जांच का सबसे संवेदनशील बिंदु बन चुका है। पोस्टमार्टम के दौरान कुछ ऐसे शारीरिक संकेत मिले, जिनसे मौत को पूरी तरह प्राकृतिक मानने पर सवाल उठे। हालाँकि, अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एसआईटी जांच और डिजिटल सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई है। दर्जनों लोगों से पूछताछ हो चुकी है। कई मोबाइल फोन, सोशल मीडिया लॉग्स और मेडिकल रिपोर्ट्स की जांच जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि इंस्टाग्राम पोस्ट किस समय, किस डिवाइस और किस नेटवर्क से डाली गई। क्या यह एक सामान्य चिकित्सकीय चूक थी? सोशल मीडिया के जरिये बनाया गया दबाव? या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? फिलहाल, हर एंगल से जांच चल रही है और अंतिम सच सामने आना बाकी है।

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