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प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच सुलतानपुर में एक मामूली चाय की दुकान पर हुई खाद्य विभाग की छापेमारी ने बड़ा राजनीतिक रंग ले लिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच सुलतानपुर में एक मामूली चाय की दुकान पर हुई खाद्य विभाग की छापेमारी ने बड़ा राजनीतिक रंग ले लिया है। यह वही दुकान है जहां करीब दो महीने पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने चाय पी थी। अब कार्रवाई के बाद दुकानदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को राजनीतिक प्रताड़ना बताया है। UP News
मामला सुलतानपुर के घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे का है, जहां शेषमणी यादव की चाय की दुकान पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। टीम ने दुकान का निरीक्षण किया, चाय पत्ती का नमूना जांच के लिए भेजा गया। यह कार्रवाई 15 अप्रैल को की गई। जैसे ही यह खबर सामने आई, स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई कि यह कार्रवाई। साधारण जांच नहीं बल्कि राजनीतिक वजहों से जुड़ी हो सकती है। UP News
दुकानदार शेषमणी यादव ने आरोप लगाया कि जब से अखिलेश यादव उनकी दुकान पर आए तब से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। स्थानीय दबंगों द्वारा गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं भी हुईं। अधिकारी बार-बार आकर सवाल-जवाब करते हैं। उनका दावा है कि यह सब सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि उन्होंने सपा प्रमुख को चाय पिलाई थी। UP News
मामले के तूल पकड़ने के बाद खाद्य विभाग ने सफाई दी है। सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित के अनुसार यह कार्रवाई आईआरजीएस पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई। दुकान का लाइसेंस 2028 तक वैध है। विभाग के पास दुकान को सीज करने का कोई आदेश नहीं दिया गया। उसी दिन अन्य स्थानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया। यानी विभाग ने साफ किया कि कार्रवाई पूरी तरह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। UP News
20 फरवरी को अखिलेश यादव सुलतानपुर दौरे पर आए थे। उन्होंने पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। चौकी चौराहे पर रुककर चाय पी
और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार और भाजपा पर तीखे राजनीतिक बयान भी दिए थे, जिससे यह दौरा पहले ही सुर्खियों में था। इस छापेमारी के बाद अब यह मामला केवल एक दुकान की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ रहा है। वहीं प्रशासन इसे नियमित कार्रवाई बता रहा है। इससे साफ है कि आगामी चुनाव से पहले हर छोटी घटना भी राजनीतिक रंग ले रही है। UP News
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