योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक नोवोसेलोव ने की मुलाकात
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कांसटेंटाइन नोवोसेलोव ने लखनऊ में मुलाकात की। इस बैठक में लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा और कंपनी के चीफ आफ स्टाफ आयुष सबत भी उपस्थित रहे।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कांसटेंटाइन नोवोसेलोव ने लखनऊ में मुलाकात की। इस बैठक में लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा और कंपनी के चीफ आॅफ स्टाफ आयुष सबत भी उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए बने सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने भी सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए प्रदेश में आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की।
देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी गति
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर विचार किया गया कि उत्तर प्रदेश को उन्नत मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है। इसी क्रम में लोहम कंपनी द्वारा प्रदेश में भारत की पहली रेयर अर्थ टू मैग्नेट एकीकृत उत्पादन इकाई स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस तरह की परियोजना शुरू होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को गति मिल सकती है।
लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का प्रमुख लक्ष्य दो क्षेत्रों पर केंद्रित
लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का प्रमुख लक्ष्य दो क्षेत्रों पर केंद्रित है। पहला, ग्रैफीन जैसे दो-आयामी मटेरियल की मदद से अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों को अधिक क्षमता, बेहतर सुरक्षा और लंबी आयु प्रदान करना। दूसरा, इस्तेमाल की जा चुकी बैटरियों और स्थायी मैग्नेट के लिए उन्नत रीसाइक्लिंग तकनीक विकसित करना, ताकि महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त किया जा सके और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। इस प्रकार का सहयोग भारत की औद्योगिक नीति और हरित ऊर्जा के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है तथा देश में उन्नत तकनीकी उद्योगों के विकास को भी प्रोत्साहन दे सकता है।
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कांसटेंटाइन नोवोसेलोव ने लखनऊ में मुलाकात की। इस बैठक में लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा और कंपनी के चीफ आॅफ स्टाफ आयुष सबत भी उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए बने सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने भी सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए प्रदेश में आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की।
देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी गति
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर विचार किया गया कि उत्तर प्रदेश को उन्नत मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है। इसी क्रम में लोहम कंपनी द्वारा प्रदेश में भारत की पहली रेयर अर्थ टू मैग्नेट एकीकृत उत्पादन इकाई स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस तरह की परियोजना शुरू होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को गति मिल सकती है।
लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का प्रमुख लक्ष्य दो क्षेत्रों पर केंद्रित
लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का प्रमुख लक्ष्य दो क्षेत्रों पर केंद्रित है। पहला, ग्रैफीन जैसे दो-आयामी मटेरियल की मदद से अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों को अधिक क्षमता, बेहतर सुरक्षा और लंबी आयु प्रदान करना। दूसरा, इस्तेमाल की जा चुकी बैटरियों और स्थायी मैग्नेट के लिए उन्नत रीसाइक्लिंग तकनीक विकसित करना, ताकि महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त किया जा सके और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। इस प्रकार का सहयोग भारत की औद्योगिक नीति और हरित ऊर्जा के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है तथा देश में उन्नत तकनीकी उद्योगों के विकास को भी प्रोत्साहन दे सकता है।












