यूपी रोडवेज में ड्राइवर बनने का मौका, आठवीं पास युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

यह रोजगार मेला सहारनपुर की गिल कॉलोनी स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में आयोजित होगा। भर्ती मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग चरणों में भटकना नहीं पड़ेगा। आवेदन, दस्तावेजों की जांच और ड्राइविंग टेस्ट, सभी प्रक्रियाएं एक ही दिन पूरी कर ली जाएंगी।

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यूपी रोडवेज में ड्राइवर भर्ती 1
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Jan 2026 06:47 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में आठवीं पास युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का बेहतरीन मौका सामने आया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा 28 जनवरी को एक विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रोडवेज बस चालकों की सीधी भर्ती की जाएगी। खास बात यह है कि आवेदन से लेकर चयन तक की पूरी प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी कर ली जाएगी।

28 जनवरी को लगेगा रोजगार मेला, एक ही दिन में पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया

यह रोजगार मेला सहारनपुर की गिल कॉलोनी स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में आयोजित होगा। भर्ती मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग चरणों में भटकना नहीं पड़ेगा। आवेदन, दस्तावेजों की जांच और ड्राइविंग टेस्ट, सभी प्रक्रियाएं एक ही दिन पूरी कर ली जाएंगी। जो उम्मीदवार ड्राइविंग टेस्ट में सफल होंगे, उन्हें तुरंत अगले चरण के लिए चयनित कर लिया जाएगा।

450 संविदा चालकों की होगी भर्ती

परिवहन निगम इस मेले के माध्यम से 450 संविदा बस चालकों की भर्ती करेगा। सहारनपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छह डिपो में इस समय 805 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। बसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन चालकों की कमी बनी हुई है। इसी कमी को पूरा करने के लिए यह भर्ती अभियान शुरू किया गया है।

योग्यता, उम्र और जरूरी शर्तें

भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

* शैक्षणिक योग्यता: कम से कम आठवीं पास

* न्यूनतम आयु: 23 वर्ष 6 माह

* अधिकतम आयु: 60 वर्ष

* ड्राइविंग लाइसेंस: कम से कम दो साल पुराना भारी वाहन लाइसेंस

* न्यूनतम लंबाई: 5 फीट 3 इंच

इन दस्तावेजों के साथ पहुंचे अभ्यर्थी

रोजगार मेले में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को ये दस्तावेज साथ लाने होंगे:

* आधार कार्ड

* जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)

* सभी शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाणपत्र

* पासपोर्ट साइज फोटो

* सभी दस्तावेजों की मूल प्रति और फोटोकॉपी

टेस्ट पास करते ही ट्रेनिंग, फिर मिलेगी नियुक्ति

जो अभ्यर्थी ड्राइविंग टेस्ट में सफल होंगे, उन्हें सीधे लोनी स्थित प्रशिक्षण केंद्र भेजा जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा जाएगा और इसके बाद रोडवेज बसों पर तैनाती की जाएगी। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक योगेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा है कि इस भर्ती प्रक्रिया में कोई दलाल, सिफारिश या रिश्वत नहीं चलेगी। उम्मीदवारों को खुद आकर आवेदन करना होगा और खुद वाहन चलाकर अपनी क्षमता साबित करनी होगी

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लखनऊ में राष्ट्रीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन 19 से, सम्मेलन उत्तर प्रदेश में चौथी बार

सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओमप्रकाश बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे।

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यूपी विधानसभा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Jan 2026 06:03 PM
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UP News : लखनऊ में 19 जनवरी से 21 जनवरी तक राष्ट्रीय पीठासीन अधिकारियों का तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देशभर की सभी विधानसभाओं के अध्यक्ष, विधान परिषदों के सभापति और संसद के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम की मेजबानी यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना करेंगे। यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश में चौथी बार आयोजित हो रहा है, पिछली बार इसे 2015 में प्रदेश ने आयोजित किया था।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति

सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओमप्रकाश बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे। सम्मेलन के दौरान प्रमुख चर्चा विषयों में विधायी संस्थाओं की भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्य, संसदीय मर्यादा और कार्यकुशलता शामिल होंगे।

मुख्य सत्र और सचिवों का सम्मेलन

सम्मेलन का मुख्य सत्र 20 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विधायी संस्थाओं की भूमिका और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर व्यापक चर्चा होगी। इसके अलावा 19 जनवरी को विधानसभा और विधान परिषद सचिवों का अलग सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। ये बैठकें न केवल अनुभव साझा करने का अवसर देती हैं, बल्कि राज्यों के बीच संसदीय प्रक्रियाओं और नियमों में सुधार के लिए भी सहायक होती हैं।

शहर में यातायात व्यवस्था और वैकल्पिक मार्ग

सम्मेलन के चलते लखनऊ शहर में 19 से 21 जनवरी तक यातायात परिवर्तित रहेगा। विधान भवन और इसके आसपास सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक विशेष डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। मुख्य बदलाव निम्नलिखित हैं। बंदरियाबाग चौराहा से राजभवन और हजरतगंज की ओर सीधे वाहन नहीं जा सकेंगे। डीएसओ चौराहा, रॉयल होटल चौराहा और वर्लिंग्टन चौराहा से विधान भवन की ओर जाने वाले मार्ग बंद रहेंगे। गोमतीनगर, सिकंदरबाग और लालबत्ती चौराहा से आने वाली बसों को वैकल्पिक मार्गों से होकर चलाया जाएगा। होटल द सेंट्रम और आसपास के इलाकों में भी यातायात पर असर होगा। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे डायवर्जन वाले मार्गों का उपयोग करने से बचें और समय रहते वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।

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उत्तर प्रदेश में बनेगा महा-एक्सप्रेसवे, देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों को मिलेगी तेज रफ्तार

नए प्रस्ताव के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़कर लगभग 750 किलोमीटर हो जाएगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुल 22 जिलों को आपस में जोड़ेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, एलाइनमेंट (मार्ग निर्धारण) का कार्य तेजी से जारी है और फरवरी 2026 तक डिजाइन को अंतिम रूप देने की योजना है।

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महा-एक्सप्रेसवे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Jan 2026 04:06 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में एक विशाल महा-एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रस्तावित पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को अब कुशीनगर तक विस्तारित करने की तैयारी चल रही है। इस विस्तार के बाद यह कॉरिडोर आगे चलकर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों के बीच तेज रफ्तार सड़क संपर्क संभव हो सकेगा।

750 किलोमीटर लंबा होगा महा-एक्सप्रेसवे

नए प्रस्ताव के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़कर लगभग 750 किलोमीटर हो जाएगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुल 22 जिलों को आपस में जोड़ेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, एलाइनमेंट (मार्ग निर्धारण) का कार्य तेजी से जारी है और फरवरी 2026 तक डिजाइन को अंतिम रूप देने की योजना है।

सिलीगुड़ी से पानीपत तक सीधी फोरलेन कनेक्टिविटी

एक्सप्रेसवे के सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जुड़ने के बाद सिलीगुड़ी से पानीपत तक निर्बाध फोरलेन सड़क संपर्क उपलब्ध होगा। इससे पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। साथ ही, व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि पहले यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली तक प्रस्तावित था, जिसे बाद में पानीपत तक बढ़ाया गया और अब कुशीनगर तक विस्तार का निर्णय लिया गया है।

ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, कम से कम पेड़ कटा

यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय नुकसान न्यूनतम रहे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इसमें कुशीनगर में 21 गांव, गोरखपुर में 46 गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे। एलाइनमेंट फाइनल होने के बाद प्रभावित गांवों की संख्या में बदलाव संभव है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

किन-किन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे

यह महा-एक्सप्रेसवे कुशीनगर से शुरू होकर गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली होते हुए पानीपत तक पहुंचेगा। जिलावार लंबाई की बात करें तो गोरखपुर में लगभग 34 किमी, संतकबीरनगर में लगभग 22.5 किमी, कुशीनगर में लगभग 3 किमी लंबा होगा।

2026 में शुरू हो सकता है निर्माण

इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2026 में शुरू होने की संभावना है। एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 60 से 70 मीटर रखी जाएगी, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर लेन विस्तार किया जा सके। फिलहाल विशेषज्ञों की टीम द्वारा एलाइनमेंट और लेवल सर्वे किया जा रहा है और कई क्षेत्रों में सर्वे से जुड़े प्रारंभिक कार्य पूरे हो चुके हैं। यह एक्सप्रेसवे न केवल यातायात को आसान बनाएगा, बल्कि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा के आर्थिक विकास को भी नई गति देगा। बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

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