मेरठ के साकेत स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान पूर्व ग्राम प्रधान तैयब चौहान की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर 7 लाख रुपये वसूलने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। पढ़े पूरी खबर?

UP News:मेरठ के साकेत स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक पूर्व ग्राम प्रधान की मौत हो गई। इस घटना के बाद उनके परिवार और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया, जिसमें चिकित्सा लापरवाही और पैसों की अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हर्रा-खेरी के पूर्व ग्राम प्रधान तैयब चौहान, जिन्होंने 2005 से 2010 तक सेवा की थी, की बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को मौत हुई। वह ब्रेन हेमरेज के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। परिजनों का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर उनसे भारी रकम वसूली, जिसके कारण विवाद शुरू हुआ। UP News
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने सात दिनों की अवधि में उनसे 7 लाख रुपये लिए। उनका यह भी दावा है कि इलाज के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों ने घटिया दवाओं का उपयोग किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जब वे अस्पताल की अतिरिक्त वित्तीय मांगों को पूरा नहीं कर सके, तो अस्पताल ने इलाज देना बंद कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। UP News
अस्पताल में हुए हंगामे की सूचना मिलने पर आरएलडी विधायक गुलाम मोहम्मद मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ सिविल लाइंस दीक्षा भौरिया भी वहां पहुंचीं। अधिकारियों ने बताया कि परिवार की औपचारिक शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। UP News
मेरठ में चिकित्सा सेवाओं को लेकर विवादों के मामले बढ़ रहे हैं। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में ही अजंता मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया था। उस मामले में अनावश्यक ब्लड और प्लाज्मा देने के आरोप लगाए गए थे। क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की जांच जारी है। 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों में यह आरोप लगाया गया था कि निजी संस्थान चिकित्सा आपूर्ति पर 400% से 1300% तक का मुनाफा कमा रहे हैं। इससे पहले 2024 में स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपर्याप्त स्टाफ और चिकित्सा लापरवाही की शिकायतों के चलते मेरठ के 13 निजी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए थे और दो अन्य को निलंबित किया था। UP News
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